जिला अस्पताल में सामान्य दवाओं का टोटा, मरीज झेल रहे परेशानी

डेंगू के साथ -साथ वायरल फीवर का कहर बढ़ता ही जा रहा है। जिससे बचने के लिए मरीज लगातार अस्पताल जा रहें है। लेकिन अस्पताल के हालत ये है कि वहां पर मिलने वाली सुविधाएं न के बराबर हैं। जिला अस्पताल में सबसे अधिक मरीज देखे जाते हैं। अस्पताल सूत्रों की मानें तो इन दिनों बुखार के मरीज अधिक है। इसके चलते मरीजों में पैरासीटामाल की खपत 5000 टेबलेट है।

औरैया। डेंगू के साथ -साथ वायरल फीवर का कहर बढ़ता ही जा रहा है। जिससे बचने के लिए मरीज लगातार अस्पताल जा रहें है। लेकिन अस्पताल के हालत ये है कि वहां पर मिलने वाली सुविधाएं न के बराबर हैं। जिला अस्पताल में सबसे अधिक मरीज देखे जाते हैं। अस्पताल सूत्रों की मानें तो इन दिनों बुखार के मरीज अधिक है। इसके चलते मरीजों में पैरासीटामाल की खपत 5000 टेबलेट है। अस्पताल प्रशासन ने 50 हजार टेबलेट की डिमांड भेजी थी, जिसके सापेक्ष 20 हजार टेबलेट दिए जाने का आश्वासन मिला है।

दरअसल 50 शय्या जिला अस्पताल में मरीजों को बुखार की पैरासीटामाल उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। वहीं कोरोना टीकाकरण कक्ष में भी मरीजों को सिर्फ वैक्सीन लगाकर चलता किया जा रहा है। बुखार से पीड़ित मरीजों को मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। अस्पताल पहुंचे अखिलेश कुमार ने बताया उन्हें दो दिनों से बुखार आ रहा है। चिकित्सक ने दवा तो लिखी, लेकिन अस्पताल में पैरासीटामाल नहीं मिली। जिसके चलते बाहर से अधिक रुपये में दवा खरीदने को मजबूर हैं। तो वहीं सीएमएस डॉ. पीके कटियार ने बताया कि पैरासीटामाल की खपत बढ़ी है।

कम मात्रा में दवा मिलने से दिक्कत आई है। बुधवार को स्टोर से दवा उपलब्ध कराई जाएगी। जिसके बाद अस्पताल में पैरासीटामाल की समस्या दूर हो जाएगी। शहर स्थित 50 शय्या जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां जिले के अन्य अस्पतालों से सबसे अधिक मरीज पहुंचते हैं। प्रतिदिन 400 से 500 के करीब मरीज आते है। कभी-कभी यह संख्या 650 से 700 के पार भी रहती है। सोमवार को 50 शय्या जिला अस्पताल पहुंचे मरीजों की संख्या 550 से अधिक रही। चिकित्सकों की मानें तो अधिकांश मरीज वायरल फीवर से ग्रसित थे। जिनमें 60 फीसदी लोग कई दिन से बुखार से पीड़ित पाए गए।

अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों को दी जाने वाली पैरासीटामाल उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते मरीजों को यह दवा मेडिकल स्टोरों से लेना पड़ रहा है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को पैरासीटामाल की दवा समाप्त हो गई थी। उम्मीद थी कि शनिवार की शाम को दवा उपलब्ध होगी, लेकिन दवा न मिलने से सोमवार को मरीजों को पैरासीटामाल नहीं दी जा सकी है। कोरोना का टीका लगने वाले मरीजों को भी महीनों से पैरासीटामाल उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जबकि डेंगू, वायरल के साथ कोरोना संक्रमित मरीज लगातार मिल रहे हैं।