मॉडर्ना के टीके लेने वाले किशोरों में आ रही है हृदय की समस्या

मॉडर्ना के कोरोनावायरस वैक्सीन से किशोरों में हृदय की समस्या के मामले आ रहे हैं, जिसके बाद फेडरल रेगुलेटर डेटा की समीक्षा कर रहा है। कोरोना टीके के कारण किशोरों में मायोकार्डिटिस हृदय की मांसपेशियों में सूजन देखा जा रहा है।

हालांकि कई विशेषज्ञों का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है, फाइजर-बायोएनटेक (Pfizer-BioNTech) और मॉडर्ना के टीके से ऐसी समस्या आ रही है, लेकिन इसके जोखिम काफी कम है। इससे मायोकार्डिटिस जैसी समस्या हो रही है, लेकिन ज्यादातर मामले हल्के होते हैं और जल्दी ठीक हो जाते हैं। पिट्सबर्ग के यूपीएमसी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में बच्चों में दिल की सूजन के विशेषज्ञ डॉ ब्रायन फींगोल्ड ने कहा, इसके काफी कम जोखिम है और डरने वाली बात नहीं है। कोविड -19 दिल को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि टीके नहीं या बेहद कम।

मायोकार्डिटिस आमतौर पर वायरस या बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होता है, इसमें तेजी से या अनियमित दिल की धड़कन, सीने में दर्द और सांस की तकलीफ जैसे लक्षण दिखते हैं। विश्व स्तर पर प्रत्येक 100,000 में से लगभग 10 से 20 लोग हर साल मायोकार्डिटिस विकसित करते हैं, लेकिन कई अन्य लोगों में हल्के लक्षण होते हैं और उनका इलाज नहीं हो पाता। सीडीसी के आंकडें के मुताबिक कोरोनोवायरस महामारी की शुरुआत के बाद से कोविड संक्रमित हजारों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और 657 की मौत हो गई है।

कुछ बच्चे जो कोरोनवायरस से संक्रमित हुए, वे प्रारंभिक संक्रमण के बाद महीनों तक बीमार रहे, या मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम से ग्रस्त हो गए, इससे संयुक्त राज्य में कम से कम 5,200 बच्चों को प्रभावित किया है। टीकाकरण के बाद मायोकार्डिटिस की समस्या उम्र, लिंग और खुराक के साथ भिन्न होती है, लेकिन अब तक के शोध से पता चलता है कि 16 से 29 वर्ष की आयु के पुरुष रोगियों में mRNA वैक्सीन की दूसरी खुराक के बाद संभावना अधिक होती है।

हालांकि कुछ एफडीए वैज्ञानिक सलाहकार समिति ने पिछले हफ्ते 5 से 11 साल के बच्चों में फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन की सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद बच्चों को टीका दिए जाने की सिफारिश की है।