थोक दवा विक्रेता के नाम से मिले फर्जी बिल, 100 करोड़ से अधिक का व्यापार, मालिक और मैनेजर गिरफ्तार

शिमला : हिमाचल के बद्री में एनडीपीएस समते 100 करोड़ से अधिक कि दवाओं के लेनदेन के मामले में सीआईडी ने एक कंपनी मालिक और उसके कर्मचारी को गिरफ्तार किया है.

आरोप है कि कंपनी फर्जी बिल के आधार पर दवाएं बेच रही है. राज्य ड्रग कंट्रोलर की शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया है.

सीआईडी ने कंपनी के मोहाली जिले के जीरकपुर में उनके कार्यालय और गोदाम और बद्दी में गोदाम पर छापा मारा, जिसमें चौंकाने वाले खुलासा हुआ है

जांच में गड़बड़ी मिलने पर सीआईडी ने कंपनी के मालिक दिनेश बंसलऔर सोनू सैनी को गिरफ्तार कर लिया.
कंपनी ने पिछले दो साल में 100 करोड़ से अधिक की दवाओं का लेनदेन किया है, जिसमें एनडीपीएस लिस्टेड दवाएं भी शामिल है.

कंपनी से फर्जी बिल के आधार पर अन्य राज्यों में दवाओं के लेनदेन का भी सीआईडी पता लगाने का प्रयास कर रही है.

स्टेट ड्रग कंट्रोलर के अधिकारियों ने हिमाचल प्रदेश में बद्दी स्थित एक थोक दवा लाइसेंस धारक ट्रेडिंग कंपनी के लेनदेन का ऑडिट किया, जिसमें गड़बड़ी पाई गई.

पूछताछ के दौरान पता चला कि कंपनी ने एनडीपीएस दवाओं को बेचने के लिए फर्जी बिल तैयार किए थे, जिसमें नाइट्राजेपम, कोडीन और एटिजोलम शामिल थे.

इन फर्जी बिलों में मंडी स्थित थोक दवा डीलर के नाम से उक्त टैबलेट बेचने का जिक्र था. प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि मंडी स्थित ड्रग डीलर को कभी भी ऐसी दवाएं नहीं मिलीं.

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