रोहतक पीजीआई में आने वाले मरीजों की बढ़ी मुसीबतें, आज से 450 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर

रोहतक। अगर आप बीमार है और पीजीआई रोहतक जाने का मन बना चुके हैं तो ठहरिये, यहां आपको इलाज नहीं परेशानियों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि मरीजों की सेवा की शपथ लेकर धरती के भगवान बने डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। वे भी एक दो नहीं बलिक 450 रेजिडेंट डॉक्टर। आज यानि सोमवार से 450 रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। ये डॉक्टर फिलहाल ओपीडी में मरीजों की जांच नहीं करेंगे और न ही वार्ड में सेवाएं देंगे। इसके अलावा सभी तरह की इलेक्टिव सर्विस भी रेजिडेंट डॉक्टर नहीं देंगे। सिर्फ इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर और आईसीयू में रेजिडेंट डॉक्टर ड्यूटी देंगे।

इस संबंध में एक पत्र डायरेक्टर को भी दे दिया गया है। दरअसल पीजी के पहले बैच के छात्रों का दाखिला नहीं हो रहा। एडमिशन में इकॉनोमिक वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) और ओबीसी कोटा निर्धारित किया जा रहा है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इस कारण पीजी के पहले बैच की काउंसलिंग नहीं हो पा रही। अब ऑल इंडिया लेवल पर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल से पीजीआई प्रशासन अलर्ट हो गया है और छुट्टी पर गए सभी 150 फैकल्टी डॉक्टर्स को पांच दिना बाद ही वापस बुला लिया गया है। सभी को पत्र भेजकर कहा गया है कि 6 दिसंबर को अपनी ड्यूटी संभाल लें।

पीजीआई में रेजिडेंट डॉक्टर ही मरीजों का बड़ा सहारा हैं। ओपीडी और अन्य जगहों पर मरीजों के इलाज का जिम्मा इन्हीं के जिम्मे होता है। संस्थान में हर रोज 6-7 हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। अब यहां काम प्रभावित होगा। इसके अलावा वार्डों में भी मरीज भर्ती हैं, डॉक्टर हड़ताल पर रहने से मुसीबत खड़ी हो जाएगी।

पीजीआईएमएस डायरेक्टर डॉ. गीता गठवाला ने कहा कि सभी डॉक्टर्स की छुट्टी रद कर दी गई हैं। मरीजों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। कंसल्टेंट काम संभालेंगे। रेजिडेंट डॉक्टर इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने की बात कर रहे थे, लेकिन मैंने समझाया तो वे ट्रामा सेंटर, ईमरजेंसी और आईसीयू में सेवाएं देने के लिए राजी हो गए। सोमवार को सभी विभागाध्यक्षों की बैठक ली जाएगी।
एचएसएमटीए के प्रधान डॉ. आरबी जैन ने कहा कि पिछली बार भी छुट्यिां रद कर दी गई थी। रेजिडेंट हड़ताल पर हैं तो हमारा क्या कसूर है। छुट्टी रद करना अन्यायपूर्ण है। सोमवार को हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर एसोसिएशन (एचएसएमटीए) की एग्ज्यूकेटिव कमेटी की बैठक करेंगे। बैठक में जो निर्णय होगा, उसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इसके अलावा इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों से भी मिलेंगे।

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