दक्षिण भारत में जड़ें फैला रहा टीबी रोग

कुपोषण और शराब है मुख्य वजह, 61 फीसदी से अधिक महिलाएंं टीबी से ग्रस्त
नई दिल्ली। दक्षिण भारतीय राज्यों में तपेदिक (टीबी) अपनी जड़ें फैलाता जा रहा है। इसके लिए कुपोषण और शराब के सेवन को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना गया है। अमेरिका के बोस्टन यूनीवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन और तमिलनाडु के जवाहरलाल परास्नातक चिकित्सकीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान ने दक्षिण भारत में टीबी तथा कुपोषण एवं शराब के अत्यधिक सेवन के बीच संबंध पाया है। उन्होंने बड़े स्तर पर टीबी के मामलों पर अनुसंधान किया। अध्ययन में पुडुच्चेरी और तमिलनाडु में हाल में टीबी के शिकार होने वालों की जांच की गई और अध्ययन डेटा की तुलना क्षेत्र में जनसंख्या स्तरीय डेटा से किया गया। इसमें पाया गया कि महिलाओं में 61 प्रतिशत से अधिक टीबी के मामले कुपोषण के कारण होते हैं। अध्ययन में पाया गया कि अगर शराब का प्रकोप कम कर दिया जाए तो पुरुषों से जुड़े 75 प्रतिशत टीबी मामले खत्म किए जा सकते हैं। शोध में कहा गया कि दुनिया में हर साल टीबी के अनुमानित 1 .06 करोड़ मामले दर्ज होते हैं और इसके 27 प्रतिशत मामले अकेले भारत में होते हैं।