नर्सिंग डिप्लोमा लेकर बना डॉक्टर, इलाज के दौरान बच्चे की हुई मौत

राजस्थान के बांसवाड़ा में इलाज में लापरवाही के कारण मासूम की मौत हो गयी. जानकारी के मुताबिक 10 माह के मासूम बच्चे को दो इंजेक्शन लगाए गए, जिसके कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गयी. घटना बांसवाड़ा के कुशलगढ़ की है.

10 माह के मासूम को सर्दी-जुकाम होने पर उसके माता-पिता स्थानीय क्लीनिक में पहुंचे. क्लिनिक में मौजूद शख्स ने बच्चे को दो इंजेक्शन लगाए.

क्षमता से ज्यादा हेवी डोज़ का इंजेक्शन लगने के कारण मासूम की मौत हो गई. बच्चे की स्थिति बिगड़ने पर कुशलगढ़ क्लीनिक के फर्जी चिकित्सक ने बच्चे को सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया.

कुशलगढ़ क्लिनिक लौटने के बाद परिजनों ने 10 माह के मासूम की मौत पर जमकर हंगामा किया. बच्चे के शव को 5 घंटे तक क्लीनिक के बाहर रख, परिजनों और स्थानीय लोगों ने फर्जी डॉक्टर की तलाश की.

फरार फर्जी डॉक्टर के न मिलने पर आक्रोशित लोगों ने डॉक्टर के परिवार का घेराव किया. कड़ी मशक्कत के बाद डॉक्टर मनोहर मईड़ा को खोज निकाला गया.

नर्सिंग डिप्लोमा का कोर्स कथित रूप से करने के बाद मनोहर करीब एक साल से कुशलगढ़ में क्लीनिक चला रहा है. हालांकि, नर्सिंग डिप्लोमा का कोई सर्टिफिकेट नहीं मिला है.

कुशलगढ़ bcmo राजेन्द्र उज्जैनिया ने इस मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही और पल्ला झाड़ लिया.

इस मामले में 2.50 लाख रुपये का मुआवजा देने के बाद दोनों पक्षों में सुलह हुई।

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