जिम्मेदार कौन – आगरा में छह हजार में होता है कोख का सौदा

हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत अन्य प्रदेशों से जुड़े हैं लिंग जांच गोरखधंधे के तार

आगरा (उत्तर प्रदेश)
ताजमहल के लिए विश्व में ख्याति प्राप्त आगरा शहर कोख के सौदागरों के की काली छाया से बदनाम हो रहा है। यहां कोख के सौदागरों ने पूरा नेटवर्क फैला रखा था। दलाल के जरिए महज छह हजार रुपए में बेटा या बेटी की रिपोर्ट कान में सुना दी जाती थी। इसके बाद कोख में कत्ल का अलग हिसाब होता था। इस नेटवर्क की कड़ी हाथ में लगते ही प्रशासन हरकत में आया और रात में ताबड़तोड़ छापा मार कार्रवाई की।

हाल ही में महिला कांस्टेबल के साथ स्टिंग ऑपरेशन में पकड़े गए एजेंट से पूछताछ के बाद रात में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। टीम भरत भार्गव हॉस्पिटल, रुनकता पहुंची। सरकारी स्वास्थ्य सेवा से सेवानिवृत्त डॉ. रेनू भार्गव इस हॉस्पिटल की संचालिका हैं। टीम के साथ एक सादा ड्रेस में महिला कांस्टेबल थी, उन्होंने खुद को गर्भवती बताते हुए कंपाउंडर से लिंग निर्धारण के लिए सौदेबाजी की। वह छह हजार रुपए में रविवार को लिंग परीक्षण करने के लिए तैयार हो गया। इसी बीच हॉस्पिटल के बाहर खड़ी टीम पहुंच गई, इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। इसके बाद हॉस्पिटल की अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दस्तावेज जब्त कर लिए गए।

कन्या भ्रूण हत्या करने वालों की तलाश: अल्ट्रासाउंड में बेटी होने पर कन्या भ्रूण हत्या की जाती है। इसके लिए इन सौदागरों ने कई हॉस्पिटलों से संपर्क कर रखा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम कन्या भ्रूण हत्या कराने वाले हॉस्पिटल की जांच में जुटी हुई है।

कई राज्यों में फैला नेटवर्क – हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उप्र के कई शहरों में नेटवर्क फैला हुआ है। फोन पर सौदेबाजी होने के बाद अन्य राज्यों के एजेंट गर्भवती महिला को यहां लेकर आते हैं। अल्ट्रासाउंड करने के बाद महिला के कान में बता देते हैं कि बेटा होगा या बेटी।

लापरवाह स्वास्थ्य विभाग – इससे पहले हरियाणा की महिला का लिंग निर्धारण कराने के आरोप में रैकेट पकड़ा गया था। इसके बाद संजय प्लेस स्थित सेंटर को सील किया गया था। मगर, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लिंग निर्धारण करने वाले सेंटरों की जांच कर कार्रवाई नहीं की गई। सीएमओ डॉ. बीएस यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है। सुबूत जुटाए जा रहे हैं, आरोप सही पाए जाने पर डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी।