हरियाणा में मजबूत होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, बजट सत्र में 8926 करोड़ रुपये का एलान, जाने और क्या मिली सुविधाएं

बजट सत्र में स्वास्थ्य विभाग

चंडीगढ़। कोरोना की तीन लहरों को पार चुका प्रदेश अब स्वास्थ्य क्षेत्र में आने वाले खतरों से निपटने के लिए मजबूत होगा। जिला में स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर नए अस्पताल बनाने की योजना प्रदेश सरकार के बजट में है। चिकित्सकों को भी मजबूत बनाया है। डाक्टरों का विशेषज्ञ कैडर प्रदेश में बनाया जाएगा। ऐसे डाक्टर केवल क्लीनिकल ड्यूटी करेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल बतौर वित्त मंत्री प्रदेश का आम बजट विधानसभा में पेश किया। बजट में मेडिकल के क्षेत्र में खास घोषणाएं की हैं।

सीएम मनोहर लाल ने मंगलवार को हरियाणा का आम बजट किया। बजट में स्वास्थ्य विभाग के लिए 8926 करोड़ रुपये का ऐलान किया है। हरियाणा विधानसभा में बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उपमंडलीय अस्पतालों को ऑक्सीजन सुविधा सहित 100 बिस्तरों के अस्पताल में अपग्रेड किया जाएगा तथा अस्पतालों को ‘आयुष्मान भारत योजना’ के इलाज की 75 प्रतिशत राशि का भुगतान 15 दिनों के भीतर किया जाएगा।

वहीं पीजीआई रोहतक में किडनी प्रत्यारोपण सुविधा शुरू की जाएगी। कैथल, सिरसा और यमुनानगर में नए मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दी गई है, इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। पलवल, चरखी दादरी, पंचकूला और फतेहाबाद में भी नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। जींद, भिवानी, महेंद्रगढ़, सिरसा, यमुनानगर, पलवल, चरखी-दादरी, पंचकूला और फतेहाबाद में मेडिकल कॉलेजों के साथ नए नर्सिंग कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है। एलोपैथी और आयुष उपचार पद्धतियों के लिए संयुक्त अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी।

वहीं वार्षिक आय 1.80 लाख वाले परिवारों को ‘आयुष्मान भारत योजना’ का लाभ व 2 वर्ष में एक बार निःशुल्क सामान्य स्वास्थ्य जांच सुविधा प्रदान की जाएगी। वार्षिक आय 3 लाख वाले परिवारों के 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगजनों को ‘आयुष्मान भारत योजना’ का लाभ प्रदान किया जाएगा। छोटे कस्बों और बड़े गांवों में अस्पताल व नर्सिंग होम खोलने पर 3 वर्ष तक ऋण के ब्याज में 2 प्रतिशत की छूट व हर खंड में टीबी रोग की जांच के लिए मॉलिक्यूलर टेस्टिंग लैब की सुविधा दी जाएगी। गरीबों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोबाइल यूनिट्स शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

घोषणा में कहा गया है कि श्रमिकों की नियमित चिकित्सा जांच के लिए पानीपत, सोनीपत, अंबाला, हिसार, रोहतक और जींद में औद्योगिक स्वच्छता प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। बीमित श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को निजी अस्पतालों में कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएंगी। मानसिक दिव्यांगों के लिए अम्बाला में आजीवन देखभाल गृह की स्थापना की जाएगी तथा एड्स पीड़ितों को 2250 रूपए प्रतिमाह वित्तीय सहायता का लक्ष्य रखा गया है। डॉ अम्बेडकर मेधावी छात्र योजना में 4 लाख रूपए तक की वार्षिक आय वाले परिवार शामिल किए गए हैं।

Advertisement