गर्भवती महिला की जान का हर्जाना साढ़े चार लाख

जयपुर
इलाज में लापरवाही से महिला मरीज की मौत अजमेर रोड स्थित सेवायतन अस्पताल को भारी पड़ गई। राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने मामले में अस्पताल प्रशासन को दोषी पाया और उसके खिलाफ हर्जाना राशि दो लाख से बढ़ाकर साढ़े चार लाख रुपए करने का फैसला दिया है।

परिवादी सुभाष कॉलोनी (झोटवाड़ा) निवासी सत्यनारायण शर्मा ने 1998 में गर्भवती पत्नी का उक्त अस्पताल में इलाज कराया था। अस्पताल ने 13 अक्टूबर को उसे डिलीवरी के लिए भर्ती किया। जहां, जुड़वां बच्चों को जन्म देने में महिला की तबीयत बिगड़ गई और खून की कमी से उसकी मौत हो गई थी। परिवादी ने खून की कमी होने और पूर्व से इंतजाम न किए जाने पर अस्पताल के खिलाफ जिला मंच में याचिका लगाई थी। 2014 में जिला मंच ने अस्पताल के खिलाफ एक लाख का हर्जाना लगाया था। अस्पताल ने राज्य आयोग में अपील की, जहां राहत के बजाय जुर्माना राशि दो लाख कर दी गई। राष्ट्रीय आयोग ने यह राशि साढ़े चार लाख पीडि़त को दिए जाने का आदेश अस्पताल प्रबंधन को दिया है।