मुंबई: 24 साल बीत गए, अब भी हो रही खून की ठगी

7 ब्लड बैंक, छह के पास नहीं कीमत प्रिंट करने संबंधी सर्कुलर


Blood

मुंबई
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के 1992 के ब्लड की कीमतों से जुड़े सर्कुलर के अनुसार, हर ब्लड बैग के लेबल पर उसकी कीमत चिह्नित करना जरूरी है, लेकिन सालों बाद भी यह सर्कुलर सिर्फ कागज का टुकड़ा ही बना हुआ है। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई के 7 प्रमुख ब्लड बैंक में से 6 ऐसे ब्लड बैंक हैं, जो इस नियम का पालन नहीं करते।
सर्कुलर के मुताबिक, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने 24 साल पहले मरीजों को धोखे से बचाने के लिए एक सर्कुलर निकाला था। 1992 के इस सर्कुलर के अनुसार अस्पतालों से दिए जाने वाले होल ब्लड या ब्लड कॉम्पोनेंट्स के बैग पर लगे लेबल पर ब्लड की कीमत और उससे जुड़ी जानकारी देना अनिवार्य किया गया था। ताकि ब्लड की खरीद के समय एमआरपी लिखी हो और ब्लड लेने वाले लोगों को ठगा न जा सके।

एफडीए फेल – जानकारी के अनुसार यह जानने की कोशिश की गई कि क्या केईएम, नायर, सायन, जेजे अस्पताल समेत प्रमुख 7 ब्लड बैंकों में एफडीए का ऐसा कोई सर्कुलर दिया गया है, तो सामने आया कि 7 में से 6 ब्लड बैंकों में ऐसा कोई सर्कुलर है ही नहीं। सिर्फ जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल ब्लड बैंक में ऐसा सर्कुलर मिला है।

आरटीआई में जवाब दिया गया है कि क्योंकि अधिकांश ब्लड बैंक अपने अस्पतालों में भर्ती मरीजों को मुफ्त में रक्त उपलब्ध कराते हैं इसलिए उन्हें एमआरपी देने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी का ब्लड बैंक और जेजे महानगर रक्तपेढ़ी ऐसे ब्लड बैंक हैं जो किसी अस्पताल से नहीं जुड़े हुए हैं और यह पूरी तरह से ब्लड को बेचते हैं। यह दोनों ब्लड बैंक थेलेसीमिया के मरीजों को छोडक़र किसी को भी मुफ्त में ब्लड मुहैया नहीं कराते।

एफडीए की चुप्पी – ब्लड बैंक, खासतौर पर प्राइवेट ब्लड बैंकों द्वारा ब्लड और उसके कॉम्पोनेंट्स की ज्यादा कीमतें वसूल करने की कई बार शिकायतें आ चुकी हैं। लेकिन इसके बाद भी एफडीए इस विषय पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। पिछले साल ही जून में नैशनल ब्लड ट्रांसफ्यूशन काउंसिल (एनबीटीसी) ने ब्लड की कीमतें निर्धारित की थीं। जिसके अनुसार होल-ब्लड की कीमत सरकारी ब्लड बैंकों के लिए 1050 रुपए और प्राइवेट ब्लड बैंकों के लिए 1450 रुपए निर्धारित की गई थी। इन बढ़ी कीमतों के विरोध के बाद महाराष्ट्र में सरकारी ब्लड बैंकों में इस कीमत को 1050 रुपए से घटाकर 850 रुपए कर दिया गया है। वहीं प्लेटलेट्स और प्लाज्मा जैसे ब्लड कॉम्पोनेंट की कीमत 400 रुपये तक की गई थी। एनबीटीसी द्वारा कीमतें निर्धारित होने पर भी कई प्राइवेट ब्लड बैंक मनमर्जी से कीमत वसूलते हैं, जबकि अकाउंट बुक में निर्धारित कीमतें ही लिखी जाती हैं। कीमतें ब्लड बैग्स पर ही हो तो ऐसी धोखाधड़ी होने से रोकी जा सकती है।

ये हैं ब्लड बैंक – जेजे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल ब्लड बैंक, सर जेजे महानगर रक्त पेढ़ी, इंडियन रेड क्रास सोसायटी बॉम्बे सिटी ब्रांच ब्लड बैंक, केईएम अस्पताल ब्लड बैंक, बीवाईएल नायर अस्पताल ब्लड बैंक,  लोकमान्य तिलक म्युनिसिपल हॉस्पिटल ब्लड बैंक, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल ब्लड बैंक।