दवा उत्पादन बेहतर करने की पहल, फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री के लिए स्पेशल सरकारी स्कीम

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नई दिल्ली : डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल ने एक प्रक्रिया शुरू की है। इसमें एक सरकारी कंपनी का चयन किया जाएगा। इस सरकारी कंपनी का काम स्ट्रैंथनिंग ऑफ फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री यानी एसपीआई स्कीम के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेशन का होगा।

बता दें कि हाल ही में एसपीआई स्कीम के गाइडलाइन जारी किए गए हैं। फार्माबिज डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल (DoP) ने पब्लिक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन यानी सरकारी कंपनियों से निविदा आमंत्रित की है। इसमें कहा गया है कि एसपीआई स्कीम को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट की जरूरत है। बोली लगाने योग्य सरकारी कंपनियां 18 अप्रैल की शाम 5:00 बजे तक अपना प्रपोजल भेज सकती हैं।

खबर में कहा गया है कि देश भर में लगभग 80 फार्मा क्लस्टर हैं और 10500 मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी यानी ऐसी जगह जहां दवाएं बनाई जा रही हैं, काम कर रहे हैं। ऐसे में डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल ने सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट रिसर्च के माध्यम से एक अध्ययन कराया और इसमें यह समझने का प्रयास किया कि पहले से चल रही योजना जिसमें माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज यानी एमएसएमई की जरूरतें क्या हैं ?

फार्मा सेक्टर की एमएसएमई कंपनियों की जरूरतों को समझने के मार्च 2022 में डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल ने स्ट्रैंथनिंग ऑफ फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री यानी एसपीआई स्कीम की गाइडलाइन जारी की। इन दिशानिर्देशों में कहा गया है कि पहले से मौजूद फार्मा क्लस्टर को सपोर्ट करने और उनकी मांगों को पूरा करने के अलावा एमएसएमई की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता और स्थिरता के मद्देनजर एसपीआई स्कीम शुरू की गई है।

प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट के चुनाव के संबंध में डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मास्यूटिकल ने कहा कि जो भी प्रपोजल उनके पास आएंगे उनकी जांच की जाएगी और यह जांच क्वालिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन प्रक्रिया के तहत होगी। चयन प्रक्रिया के दौरान फाइनेंस और टेक्निकल पहलू की समीक्षा की जाएगी और उनके स्कोर के आधार पर कंपनी का चयन किया जाएगा।

बता दें कि एसबीआई स्कीम का मकसद देशभर में पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाना है। सरकार का कहना है कि भारत को फार्मा सेक्टर में वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार करना है और इसके लिए फार्मा कलस्टर को वित्तीय सहायता मुहैया करानी होगी। इससे कुछ कॉमन केंद्र तैयार किए जा सकेंगे और इस कॉमन केंद्र को तैयार करने का मकसद फार्मा क्लस्टर का समावेशी विकास है। एसपीआई स्कीम के तहत इन कॉमन केंद्रों को कॉमन फैसिलिटी भी कहा गया है।

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