सरकारी ठिकाने पर नकली कॉस्मेटिक उत्पादन का पर्दाफाश

अंबाला
लगता है स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का होम टाउन ही नकली दवा, कॉस्मेटिक एवं फूड उत्पादन का बड़ा ठिकाना है, क्योंकि इसी महीने के शुरुआत में यहां लाखों रुपये की नकली दवा पकड़ी गई थी और अब महीने के अंत में 50 लाख से अधिक के नकली कॉस्मेटिक उत्पाद राज्य की औषधि नियंत्रक टीम ने पकड़े। खास बात ये कि यह नकली माल एक सरकारी आवास पर पकड़ा और यहीं पर इसका उत्पादन होता था। सारा माल बाजार में बिक रहे बड़े ब्रांड की नकल के रूप तैयार हो रहा था। शुरआती जांच में लग रहा है कि इस गोरखधंधे की जड़े बहुत गहरी और पावरफुल हैं।

गुप्त सूचना के आधार पर इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ दिल्ली से आए सहायक स्टेट ड्रग कंट्रोलर नरेंद्र आहूजा, लाइसेंसिंग अथॉरिटी अंबाला ललित गोयल, ड्रग कंट्रोलर अंबाला दिनेश राणा और सुनील दहिया की टीम ने पुलिस टीम और सैन्य अधिकारियों की सहयोग से किया। नकली कॉस्मेटिक का यह उत्पादन सेना के अधीनस्थ डेयरी फार्म विंग के बिल्कुल पास ही बने डेयरी फार्म के 3/25 क्वार्टर में ये गोरखधंधा चल रहा था। अधिकारियों का दावा है कि गोदाम से उन्हें करीबन पचास लाख रुपये से ज्यादा का नकली माल बरामद किया है। पता चला है कि सेना के क्वार्टर में नकली सौंदर्य प्रसाधान और अन्य सामान बनाने का गोदाम बनाया गया था और यही से माल की सप्लाई की जाती थी। जबकि इस माल को दूसरी जगह तैयार एवं पैक किया जाता था। इस छापा कार्रवाई में जो मौजूदा सौंदर्य प्रसाधान बनाए और पैक किए जाते थे वो ब्राडेंड नामी कंपनियों के थे। इन उत्पादों में फेयर एंड लवली, पोंडस बाडी लोशन, वेसलीन 40 एम.एल., 100 एम.एल., 300 एम.एल., हेल्दी वाइट-इन्टेसिच केयर डीप लोशन, लेकमे का नेलपालिश, रिमूवर, बजाज आलमंड आयल के पाउच, 100 एम.एल., क्लीनिक प्लस 340 एम.एल. शैंपू, रसना, हिट स्पे्र, टाटा प्रीमियम की चाय के छोटे बड़े विक्रय हेतु तैयार और 8/15 की निर्माण स्टैंप वाले बड़ी मात्रा में खाली लिफाफे मिले। हिंदुस्तान यूनिलिविर कंपनी के मैनेजर सुभाष शर्मा के अनुसार बरामद सामान की कीमत करीब 50 लाख रुपए है।

इसके अलावा वहां बहुत से कच्चा माल भी था, जिसे अब पैक नहीं किया गया था, उसे भी ब्रांडिड पैकिंग में पैक किया जाना था। टीम ने गोदाम और माल को सील कर दिया। गोदाम में नकली उत्पाद के साथ-साथ ब्रांडेड कंपनियों के तैयार किए गए नकली लेबल स्टीकर, सील और ढक्कन बरामद हुए। उत्पादों की पैकिंग इतनी सफाई से की गई थी, असल-नकल की पहचान करना बेहद दुश्वारी भरा काम था। पुलिस ने औषधि विभाग की शिकायत पर इस धंधे में लिप्त राजेश के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। राजेश का पार्टनर गौरव पकड़ा नहीं गया।