लिनाग्लिप्टिन दवा का जेनेरिक संस्करण उतारने पर अदालत की रोक

लिनाग्लिप्टिन
concept image

नयी दिल्ली : फार्मा कंपनी बोहरिंगर इंगेलहेम इंडिया की पेटेंट वाली दवा लिनाग्लिप्टिन का जेनेरिक संस्करण बाजार में उतारने पर अदालत ने रोक लगा दी है। चार घरेलू दवा कंपनियों ने इस दवा का जेनेरिक संस्करण बाजार में उतारा था।

ट्रेजेंटा ब्रांड नाम से दवाओं की बिक्री करने वाली कंपनी ने बयान में कहा कि उसे भारत में लिनाग्लिप्टिन का पेटेंट अगस्त, 2023 तक के लिए मिला हुआ है। लेकिन इन कंपनियों ने इस दवा के जेनेरिक संस्करण उतारकर पेटेंट प्रावधानों का उल्लंघन किया था। इसपर उसे इन कंपनियों के खिलाफ आदेश मिल गया है।

बयान के मुताबिक, इस अंतरिम आदेश के तहत कंपनियां भारत में खुद या अपने निदेशकों या भागीदारों की मदद से इन जेनेरिक संस्करणों की बिक्री नहीं कर सकती हैं। यह आदेश सुनवाई की अगली तारीख तक के लिए प्रभावी होगा।

कंपनी की प्रबंध निदेशक वाणी मांजा ने कहा, ‘‘पिछले नौ माह में उच्च न्यायालय की त्वरित एवं न्यायपूर्ण कार्यवाही ने पेटेंट अधिकारों के प्रवर्तन को लेकर भारतीय न्याय प्रणाली में हमारे विश्वास की पुष्टि की है।’

कंपनी ने कहा कि पिछले नौ महीनों में उसे एरिस लाइफसाइंसेज, डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज और एमक्योर फार्मास्युटिकल्स जैसी दवा कंपनियों के खिलाफ अपनी दवाओं जार्डियंस (एम्पाग्लिफ्लोजिन) और ट्रेजेंटा (लिनाग्लिप्टिन) के पेटेंट उल्लंघन के मामले में अपने पक्ष में फैसला मिला है।

Advertisement