गुजरात की ब्लैक लिस्ट फार्मा कंपनी से दवा खरीद की जांच शुरू

रायपुर (छत्तीसगढ़)
गुजरात की कंपनी वाइटल हेल्थ केयर प्रा. लि.से दवा खरीदी के मामले में स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने विधानसभा में गारंटी राशि को राजसात करने और अधिकारियों की भूमिका की जांच की घोषणा की। मंत्री ने कहा कि मामले में जो भी संलिप्त पाए जाएंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
कांग्रेस सदस्य भूपेश बघेल, लालजीत राठिया और मोहन मरकाम ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए आरोप लगाया कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा ब्लैक लिस्टिेड कंपनियों से दवा खरीदी का गोरखधंधा जोर-शोर से चल रहा है। सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड ने गुजरात की वाइटल हेल्थ कॉरपोरेशन से दवा की खरीदी की। कंपनी जब निविदा में शामिल हुई तब शपथ पत्र में कई तथ्यों को छिपाया गया।

सदस्यों ने आरोप लगाया कि विवादित और ब्लैक लिस्टेड कंपनियों से दवा खरीदी के चलते ही प्रदेश में आंखफोड़वा जैसा कांड हो चुका है। सदस्यों ने कहा कि जो कंपनी मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश और गुजरात में ब्लैक लिस्टेड है, उसे 8 करोड़ से अधिक का कार्यादेश देना अधिकारियों की संलिप्तता को साबित करता है।

प्रदेश में भी कंपनी प्रतिबंधित
स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में बताया कि कंपनी ने वर्ष 2014 की निविदा में भाग लिया था, लेकिन जैसे ही यह पता चला कि कंपनी को वर्ष 2013 में आंध्रप्रदेश सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है उसके बाद किसी भी तरह का क्रय आदेश जारी नहीं किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने 1 मार्च 2016 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कंपनी ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया, जिसके चलते छत्तीसगढ़ में कंपनी को प्रतिबंधित कर दी गई।