नशीली दवाईयों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन स्मगलर चढ़े पुलिस के हत्थे

प्रतिबंधित नशीली दवाओं के साथ पकडे गए तस्कर

करनाल। हरियाणा में नशीले पदार्थों पर रोक लगाने के लिए आये दिन नारकोटिक्स विभाग छापे मार रहा है। कल शाम करनाल में पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने नशीली दवाईयों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस टीम द्वारा प्रतिबंधित नशीली दवाईयों की तस्करी करने वाले तीन स्मगलरों को गिरफ्तार किया है। जिनके कब्जे से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाईयां भी बरामद की गई हैं। आरोपित कार में भरकर नशीली दवाईयां ले जा रहे थे। इनमे से दो तस्कर रोहतक के रहने वाले हैं और एक कैथल का है।

बीती शाम के समय उप निरीक्षक रमेश चंद की अध्यक्षता में टीम असंध के जींद चौक पर गश्त कर रही थी। तभी सूचना मिली कि आरोपित कुलदीप वासी कैथल, श्लेश सैनी व विष्णु कुमार वासी रोहतक कार में काफी समय से नशीली गोलियां व दवाई भरकर बेचने का काम करते हैं। जो इस समय कार में सवार होकर सफीदों की तरफ से प्रतिबंधित दवाईयां बेचने के लिए आ रहे हैं।  सूचना के बाद नाकेबंदी की गई तो कुछ देर बाद कार आई, जिसमें सवार आरोपितों को गिरफ्त में लिया गया।

आरोपितों की पहचान विष्णु कुमार वासी सुखपुरा रोड रोहतक, कुलदीप वासी चौधरी पट्टी, कैथल व श्लेश सैनी वासी ऋषि नगर रोहतक के तौर पर हुई। कार की तलाशी लेने पर डिग्गी में रखे एक कट्टे में से 240 बोतल ओमरेक्स सीरप, गाडी में रखी पेटियों में से 2990 ट्रामाडोल गोलियां व पांच हजार कैरीसोपरोडोल की गोलियां बरामद की गई। पुलिस ने ये दवाएं व कार कब्जे में ले ली तो वहीं आरोपितों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया।

पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपित कैथल वासी कुलदीप है, जो अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर उपरोक्त नशीले सीरप व गोलियों को रोहतक से सस्ते दाम में एक व्यक्ति से खरीदकर लाया था और इन्हें कैथल में ले जाकर मंहगे दाम पर सप्लाई करना था। आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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