एचआईवी पीडि़तों की बढ़ती संख्या पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

एचआईवी टेस्ट सेंटर की मांग पर केंद्र एवं राज्य सरकारों को नोटिस
HIV

नई दिल्ली
देश के सभी जिलों और जेलों में एचआईवी टेस्ट सेंटर खोले जाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। जिस पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और देश के सभी राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त सभी को 4 सप्ताह के भीतर अपना जवाब दायर करने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट में परमानंद कटारा नामक वकील ने एक जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि मौजूदा समय में एचआईवी टेस्ट काफी महंगा है। जिससे कि अगर कोई आम आदमी अपना टेस्ट कराना चाहे तो उसका खर्च नहीं उठा पाता। इस वजह से बहुत से एचआईवी पीडि़त लोगों को उनके इस बीमारी से संक्रमित होने का पता नहीं चल पाता। ऐसे में देश में लोग बीमारी के प्रति सचेत एवं गंभीर नहीं हो रहे हैं और देशभर में एचआईवी पीडि़त लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।
यहां तक कि देश की बहुत सी जेलों में खासतौर पर एचआईवी पीडि़त मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। इसलिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को निर्देश दिया जाए कि देश के हर जिले और जेलों में नि: शुल्क एचआईवी टेस्ट सेंटर खोले जाएं। जहां पर लोग न केवल अपनी जांच करा सकें, बल्कि उन्हें नि: शुल्क परामर्श भी दिया जाए।