पर्दाफाश – 12वीं की फर्जी मार्कशीट से फार्मासिस्ट पंजीकृत

जयपुर

राजस्थान फार्मेसी काउंसिल ने नियमों को दरकिनार करते हुए 12वीं के ऐसे विद्यार्थियों का फार्मासिस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन कर दिया, जो राजस्थान बोर्ड के समकक्ष नहीं हैं। बिना सत्यापन के ही खुद के निर्णय के आधार पर मिलीभगत से पंजीकृत फार्मासिस्ट बना दिया। इससे साफ है कि काउंसिल भगवान भरोसे है तथा हो रहे घोटालों पर केवल राज्य सरकार ही नहीं, केंद्र सरकार भी मेहरबान है। चौंकाने वाली जानकारी ये है कि हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी की ओर से चार साल पहले काउंसिल को राजस्थान बोर्ड के समकक्ष नहीं होने वालों की सूची भेजने के बावजूद भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रेशन करना सवाल खड़े कर रहा है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकृत फार्मासिस्ट आमजन की सेहत के साथ भी खिलवाड़ करें तो, हैरत नहीं होगी।

रजिस्ट्रेशन से पहले सत्यापन
किसी का भी रजिस्ट्रेशन करने से पहले डिप्लोमा या डिग्री करने वाले संस्थान को भेजकर दस्तावेजों की जांच के लिए भेजा जाता है। संबंधित संस्थान से जानकारी आने के बाद ही पंजीकरण किया जाता है। इसी तरह से 12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों का संदेह होने पर संबंधित स्कूल या बोर्ड को पत्र भेजकर सही या गलत की जांच की जाती है।

फर्जी दस्तावेज से रजिस्ट्रेशन
नाम रजि. नं. जारी: धर्मपाल 45440, 24 सितंबर- राहुल गोयल 45751, 18 सितंबर , योगेश्वर पुरोहित 45945, 20 अक्टूबर, अंकित वधवा 45946, 26 अक्टूबर, नवीन 46008, 30 अक्टूबर, आशीष शर्मा 46299, 17 दिसबंर
आदर्श गोयल 46337, 21 दिसंबर (काउंसिल ने वर्ष 2015 में ये रजिस्ट्रेशन किए हैं)
स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि शिकायत मिली है, जांच कराएंगे। काउंसिल के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तथा बिना सत्यापन के रजिस्ट्रेशन करना गंभीर मामला है। गडग़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।