बिना फर्म के अमानक दवा कारोबार की मंडी बना सीकर

सीकर – राजस्थान

एक लाख रुपए की अमानक दवाइयों के कारोबार ने ड्रग कंट्रोलर विभाग की नींद उड़ा दी है। हालांकि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। चौंकाने वाली बात ये है कि जहां से दवा खरीद बताई गई थी, वहां कोई फर्म नहीं मिली, जिससे अधिकारी भी सकते में हैं। शुरुआती तौर पर फर्म मालिक के नाम विभागीय पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जानकारी के अनुसार, ड्रग कंट्रोलर विभाग के पास सीकर जिले से जीफी एंटी बाइटिक दवा सिफेक्जीम 200 एमजी की 16 हजार टेबलेट खरीदी जाने का मामला सामने आया है। नमूने जांच के बाद लेबोरेट्री ने दवा को अमानक घोषित कर दिया है, लेकिन अमानक की स्थिति देखकर स्वयं जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए कि दवा में सिफेक्जीम की जितनी मात्रा दर्शाई गई है। उसमें करीब एक चौथाई सिफेक्जीम की मात्रा ही पाई गई है।

दवा पर जिस अजीतगढ़ स्थित फर्म का पता था, ड्रग कंट्रोल अधिकारी को वहां कुछ नहीं मिला। ड्रग कंट्रोल ऑफिसर मनोज गढ़वाल ने बताया कि दवा खरीदने वाली फर्म के मालिक हरिश यादव से पूछताछ कर फर्जीवाड़े का खुलासा किया जाएगा।

इतनी होनी चाहिए मात्रा – विभाग के अनुसार 200 एमजी की टेबलेट में सिफेक्जीम की 90-110 फीसदी मात्रा होनी चाहिए। लेकिन, फेल हुई दवा में केवल 68.19 एमजी ही पाई गई है। उन्होंने बताया कि 18 मई 2015 को जयपुर स्थित एक मेडिकल स्टोर से जीफी 200  (सिफेक्जीम टेबलेट आईपी 200 एमजी) बेच नंबर सीकेएम 5031 डी/एम के नमूने जांच के लिए ड्रग कंट्रोलर ऑफिसर ममता मीणा ने लिए थे। जांच में सामने आया है कि मेडिकल स्टोर पर दवा अजमेर स्थित हरिश मेडिकल्स के यहां से भिजवाई गई है। दवा खरीद का जो  बिल पेश किया है, उसमें अजीतगढ़ स्थित श्याम मेडिकल एजेंसी से 1,7900 रुपए की दवा खरीदी गई है। इसमें दवा की 16 हजार टेबलेट शामिल हैं।

प्रदेश में हुए थे 47 नमूने फेल – प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में निशुल्क वितरण के लिए निजी विक्रेताओं से खरीदी 47 प्रकार की दवाओं के नमूने दिसंबर तक फेल हो गए थे। इन दवाओं के करीब 69 लाख यूनिट्स (टेबलेट व इंजेक्शन) सप्लाई अस्पतालों के स्टोर से वापस भेजनी पड़ी थी। इसमें सीकर से भी चार नमूने भरे गए थे।

डॉक्टर की पहली पसंद – फिजीशियन डॉ. देवेंद्र दाधीच का कहना है कि एंटीबाइटिक के तौर पर ओपीडी में सबसे ज्यादा यहीं दवा मरीज को लिखी जाती है। हालांकि इसमें सिफेक्जीम की मात्रा यदि कम होती है तो यह टेबलेट घातक साबित हो सकती है।