मोबाइल रेडिएशन से शरीर में गंभीर रोगों का बढ़ता खतरा

मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल से व्यक्ति गंभीर रोगों की गिरफ्त में फंस रहा है। बॉडी के सेंसटिव हिस्सों पर मोबाइल के खतरनाक रेडिएशन गहरे वार करता है।मोबाइल फोन के खतरनाक रेडिएशन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने के खतरे का ज्ञान होने के बावजूद मोबाइल का इस्तेमाल छोडऩा संभव नहीं। कुछ उपाय हैं जिन्हें अपनाकर इस खतरे से काफी हद तक बचाव कर सकते हैं।

स्पीकर या ईयरफोन – जब भी आप किसी से फोन पर बात कर रहे हों, कोशिश करें कि फोन सीधे कान पर लगाकर बात न करें। फोन का स्पीकर ऑन कर लें या फिर ईयर फोन का इस्तेमाल करें। कॉल बंद होने के बाद ईयरफोन को तुरंत कान से हटा दें।

शरीर से दूर रखें – शरीर से सटाकर या शरीर के किसी हिस्से पर मोबाइल फोन रखना खतरनाक हो सकता है। इसका प्रयोग करते समय हमेशा कुछ दूरी जरूरी बनाए रखें। ऐसा करने से इसके रेडिएशन का प्रभाव कुछ कम हो सकता है।
बंद मोबाइल को भी नजदीक न रखें – अगर आप सोचते हैं कि मोबाइल फोन बंद होने पर इसके रेडिएशन कोई प्रभाव नहीं डालते, तो आप गलत हैं। भले ही मोबाइल फोन बंद हो और आप इसका प्रयोग न कर रहे हों, इसे जेब में या तकिये के नीचे रखकर सोने से हमेशा बचें।
चैट और मैसेज का प्रयोग ज्यादा करें – मोबाइल रेडिएशन से बचने का एक बेहतर विकल्प है मैसेज चैट करना। कोशिश करें कि जब तक जरूरी न हो कॉल कर बात करने के बजाए मैसेज के माध्यम से बातचीत करें।
सिग्नल पूरा हो, तभी करें बात – कहीं कॉल करके बात करना चाहें तो इस बात पर विशेष ध्यान दें कि मोबाइल पर पूरा सिग्नल दिखाई दे। कमजोर सिग्नल में कॉल करने पर फोन को सिग्नल पहुंचाने में ज्यादा मेहनत करनी होती है। एक अध्ययन के अनुसार यदि फोन में सही सिग्नल नहीं दिखाई दे, तो फोन कमजोर है।