दुनिया की 50 फीसदी आबादी पर मंडरा रहा है अंधेपन का खतरा

नई दिल्ली

विश्व की आधी जनसंख्या यानी करीब पांच अरब लोग 2050 तक निकट दृष्टि दोष से पीडि़त होंगे और अगर वर्तमान रुझान बने रहे तो इनमें से बीस फीसदी को अंधेपन का जोखिम रहेगा। यह दावा शोधकर्ताओं ने किया है। इन शोधकर्ताओं में भारतीय मूल के वैज्ञानिक भी शामिल हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, निकट दृष्टि दोष के कारण आंखों की रोशनी जाने की संभावना साल 2000 के मुकाबले 2050 तक सात गुना बढऩे का अनुमान है।

इसके अलावा, विश्व भर में स्थायी अंधापन की सबसे बड़ी वजह भी निकट दृष्टि दोष होगी। शोध के परिणाम एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा करते हैं।शोधकर्ताओं का सुझाव है कि आंखों की देखरेख की व्यापक योजना बनाने की जरूरत है ताकि निकट दृष्टि दोष में हो रही बढ़ोतरी (साल 2000 से पांच गुना बढ़ोतरी हुई है) को रोका जा सके।

नायडू ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने की भी जरूरत है हमारे बच्चों की आंखों की जांच प्रत्येक वर्ष किसी चक्षु रोग विशेषज्ञ से करवाई जाए ताकि जोखिम के समय में हम सुरक्षात्मक नीति अपना सकें। यह शोध ऑप्थैल्मोलॉजी जरनल में प्रकाशित हुआ है।