शिशु लिंग जांच करने वाले रैकेट का पर्दाफाश

भिवानी

कन्याभ्रूण हत्या रोकने की दिशा में सार्थक प्रयास करते हुए भिवानी जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस के सहयोग से एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया। भिवानी जिले में सक्रिय यह रैकेट महेन्द्रगढ़ शहर के एक प्राईवेट अस्पताल से चलाया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने एक महिला चिकित्सक के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

उपायुक्त पंकज ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सिविल सर्जन डा. रणदीप सिंह पूनिया व उनकी टीम पिछले काफी दिनों से कन्याभ्रूण हत्या व शिशु लिंग जांच जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले गिरोह को पकडऩे की तलाश में थे। इसके लिए उन्होंने अपने विश्वसनीय सूत्रों को सचेत किया हुआ था। सिविल सर्जन को कुछ दिन पहले सूचना मिली कि दादरी के साथ लगते गांव रावलधी का एक व्यक्ति अवैध रूप से अल्ट्रासाऊंड मशीन से गर्भस्थ शिशु की लिंग जांच करवाने व भ्रूण हत्या क रवाने के गिरोह से जुड़ा हुआ है। सिविल सर्जन ने अपने स्टाफ के सहयोग से एक गर्भवती महिला की अल्ट्रासाऊंड जांच करवाने के लिए इस व्यक्ति से संपर्क किया। सीएमओ ने इसकी सूचना जिला प्रशासन व पुलिस को भी दी।

उपायुक्त ने बताया कि गांव रावलधी के इस व्यक्ति से 15 हजार रूपये में अल्ट्रासाऊंड जांच करवाने का सौदा तय किया गया। पंकज ने बताया कि महेन्द्रगढ़ शहर में भिवानी अस्पताल में महिला को ले जाया गया। इस बीच सीएमओ ने इसकी सूचना महेन्द्रगढ़ व नारनौल स्वास्थ्य अधिकारियों को दी। संयुक्त टीम ने अस्पताल के अन्दर से सहयोगी महिला का इशारा मिलते ही तुरन्त छापा मारा।
पुलिस ने मौके पर 7 हजार रूपये व एक अल्ट्रा सोनिक डोपलर, एक डीवीआर मशीन को बरामद किया। उपायुक्त ने बताया कि भिवानी सिटी पुलिस ने इस मामले में महिला चिकित्सक डा. संतोष यादव के खिलाफ पीसी व पीएनडीटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।