नेत्र चिकित्सालय में इंजेक्शन लगने के बाद 32 की रोशनी छिनी

सतना(मध्यप्रदेश)

जिले के चित्रकूट में स्थित सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में इंजेक्शन लगने के बाद 32 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई। मामला प्रकाश में आने के बाद कलेक्टर ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। शिकायतकर्ता मरीज चंद्रिका तिवारी (55) निवासी गाजीपुर उप्र और रमेश गर्ग (58) निवासी इलाहाबाद ने बताया कि मरीजों की आंखों की जांच के बाद 32 मरीजों की आंखों में रेटीना की शिकायत डॉक्टरों द्वारा बताई गई थी, जिसके बाद सभी मरीजों को दूसरे दिन आंखों में इंजेक्शन लगाया गया। जिसके दो घंटे बाद से मरीजों को दिखना बंद हो गया। मामले की शिकायत के बाद मरीजों की 30 दिसंबर की शाम फिर से जांच हुई और फिर से इंजेक्शन लगाया गया, लेकिन आंखों की रोशनी वापस नहीं आई।
उन्होंने बताया कि इसके बाद सभी मरीजों को अस्पताल के अलग-अलग बैड में शिफ्ट कर दिया गया और बाद में इलाज का आश्वासन देकर छुट्टी दे दी गई। मरीज आंखों का इलाज कराने पुन: अस्पताल गए तो वहां जांच के बाद आंखों में ही खराबी बताकर वापस कर दिया गया। जिसके बाद मरीजों ने मामले की शिकायत कलेक्टर को भेजी है।
मामले में चित्रकूट नेत्र चिकित्सालय के प्रशासक डॉ. इलेश जैन के अनुसार इंजेक्शन में खराबी होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई होगी। डायरेक्टर डॉ. बीके जैन ने बताया कि इंजेक्शन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मरीजों का नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा।
वहीं कलेक्टर संतोष मिश्रा ने बताया कि उन्हें अभी शिकायत नहीं मिली है, लेकिन इस मामले की जांच एसडीएम और सीएमएचओ से कराई जाएगी। यदि प्रबंधन दोषी पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।