लापरवाही के चलते लाखों की दवाएं कूड़े में तब्दील

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग का लेखा जोखा – गुडग़ांव

हरियाणा गुडग़ांव के सेक्टर-10 अस्पताल के बेसमेंट में लाखों की दवाएं एक्सपायर होकर बेकार पड़ी हैं । गुडग़ांव के सरकारी अस्पताल से आसपास के 6 जिलों के सिविल अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में दवाएं भेजी जाती हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते काफी मात्रा में दवाएं बेकार हो गई हैं। हद तो तब हो गई जब इन्हें नष्ट करने के बजाय अस्पताल के बेसमेंट में ही फेंक दिया गया। गुडग़ांव में कहने को तो दो सरकारी अस्पताल हैं फिर भी पता नहीं कैसे लाखों की लागत की ये दवाएं लापरवाही के चलते एक्सपायर होकर बेकार पड़ी हैं। इन्हें खुले में रखना गैर कानूनी है, लेकिन इन्हें नष्ट करने के बजाय यूं ही बेसमेंट में रखा हुआ है। पहले यहां बेसमेंट में वेयर हाउस था, लेकिन मानसून के दौरान हुई बारिश में लाखों रुपए कीमत की दवाएं भीग गईं जिसके बाद वेयर हाउस को शिफ्ट कर दिया गया। उस
समय इनकी लिस्ट तैयार की गई थी, लेकिन भीगी हुई दवाओं के साथ एक्सपायार दवाओं को भी मिक्स कर वेयर हाउस में रख दिया गया। यहां कुछ दवाएं ऐसी थीं जो इस्तेमाल न होने की वजह से एक्सपायर हो गईं और अब बेसमेंट में ही धूल चाटने को मजबूर हैं। इनमें कई दवाएं तो ऐसी हैं जो मरीजों के लिए बहुत जरूरी हैं। इन्हें मरीजों को देने के बजाय एक्सपायर कर दिया गया। ऐसे में मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं, हालांकि, सीएमओ रमेश धनखड़ ने

आश्वासन दिया है कि जल्द ही इन दवाइयों को डिस्पोज कर दिया जाएगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो नुकसान हुआ है उसका क्या ?