पतंजलि की बड़ी गलती – एक्सपायरी सामान बंटवाया

असम के कई जिले बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं। ऐसे में सामाजिक संगठनों सहित कई कॉरपोरेट्स घराने भी मुसीबत की इस घड़ी में लोगों के बीच राहत सामग्री बांट रहे हैं। बाबा रामदेव के पतंजलि ने मजुली जिले (आसाम) में करीब 12 लाख रुपये मूल्य का सामान भेजा है, जिनमें दूध पावडर और जूस भी शामिल है। कुछ सामानों पर एक्सपायरी डेट अक्टूबर 2016, दूध पावडर के कुछ डिब्बों पर 5 सितंबर 2017 एक्सपायरी डेट लिखा था। यह सामान 30 अगस्त को बाढ़ पीडि़तों के बीच बांट दिया गया। स्थानीय मीडिया में यह खबर भी आई कि इन सामानों को इस्तेमाल करने के बाद कई लोग बीमार पड़ गए।

पतंजलि के मजुली जिला शाखा प्रमुख रोहित बरुआ ने मीडिया में इस बात की पुष्टि की है कि पावडर और जूस या तो एक्सपायर हो चुके थे या एक्सपायर होने वाले थे। उन्होंने कहा कि शुरुआत में हम लोगों ने यह नोटिस नहीं किया और सारे सामान बाढ़ पीडि़तों में बांट दिए। लेकिन जब कुछ युवकों ने इसकी शिकायत जिला आयुक्त से की, तब इसका खुलासा हुआ।

लेकिन पतंजलि के प्रवक्ता एस. के. तिजारावाला ने इस तरह के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें झूठी हैं, कंपनी कभी भी इस तरह का लापरवाही भरा कदम नहीं उठा सकती है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बाढ़ पीडि़तों के बीच मानवता के आधार पर सामान बंटवाए हैं। एक्सपायरी डेट की कोई भी वस्तु वहां नहीं भेजी गई है।

इधर, जिला प्रशासन ने एक्सपायरी सामान बांटे जाने से इनकार किया है। जिलाधिकारी ने कहा कि एक्सपायरी सामान आए थे, लेकिन उन्हें बाढ़ पीडि़तों के बीच बांटा नहीं गया। जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पतंजलि आयुर्वेद को पत्र लिखा है।