अलग आयुष विभाग में एलोपैथी चिकित्सक संभाल रहे निदेशक पद

नई दिल्ली

बेशक केंद्र सरकार ने आयुर्वेदिक चिकित्सका और योग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भारी बजट देने और जिम्मेदारी से काम करने की ठानी है लेकिन शुरुआती स्तर पर व्यवस्था में उच्चा स्तर पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने  अलग से आयुष मंत्रालय भी बना दिया है,  मगर निगम में आयुष विभाग हाशिये पर है। स्थिति यह है कि पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को आयुर्वेद का कोई ऐसा डाक्टर नहीं मिल रहा है, जिसे आयुष विभाग का निदेशक बनाया जा सके। स्थिति यह है कि इन दोनों नगर निगमों में निदेशक (आयुर्वेद) की जिम्मेदारी अंग्रेजी (एलोपैथी) के डाक्टर संभाल रहे हैं। इसके चलते आयुष के डाक्टरों में नाराजगी है। नेशनल डाक्टर्स फोरम ने कहा है कि यदि नगर निगमों के आयुष विभाग में निदेशक जल्द आयुष के डाक्टर नहीं बनाए गए तो इस मामले को लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। पहले नगर निगम में एलोपैथी और आयुष का एक ही विभाग हुआ करता था। वर्ष 2012 में आयुष को बढ़ावा देने के मकसद से अलग विभाग बना दिया गया। अब स्थिति यह है कि पूर्वी दिगी नगर निगम में आयुष विभाग के निदेशक डॉ. धर्मपाल वशिष्ठ 30 नवंबर को सेवानिवृत हो गए। इसके अलावा दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुष विभाग के निदेशक डॉ. आलोक शर्मा 31 दिसंबर को सेवानिवृत हो गए। इसके बाद से दोनों नगर निगमों में स्वास्थ्य प्रशासन के निदेशकों को आयुष विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।