कागजों पर हो रही स्वास्थ्य की देखभाल

पटना
राज्य में किशोरियों का विकास हो इसके लिए सरकार कई योजनाएं चला रही हैं, इन्हीं में से एक है  किशोरी स्वास्थ्य योजना इसके अंतर्गत स्कूलों में पढऩे वाली किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए  उन्हें मुफ्त में आयरन की गोली दी जानी है। पर, स्कूलों में इसकी हकीकत कुछ और ही हैं उन्हें न तो आयरन की गोली दी जा रही है और न ही उन्हें कृमि (कीड़े मारने वाली) की दवाएं, जिससे उनका स्वास्थ्य ठीक रह सके।
पांच वर्षों से नहीं मिल रहा लाभ-राजधानी के एक भी स्कूल में न तो किशोरियों को आयरन की गोली दी जा रही है और न ही इस संबंध में कोई जानकारी। इससे ज्यादातर स्कूलों में लड़कियों को तो अब याद भी नहीं कि आयरन की गोली कब मिली थी। यहां तक कि स्कूलों में इसके लिए बने रजिस्टर का भी कोई पता नहीं है।  स्कूलों से जब इसकी जानकारी ली गयी, तो बताया गया कि पिछले चार-पांच सालों से किसी तरह की दवा लड़कियों के लिए नहीं भेजी गई है।