यूपी के स्वास्थ्य व्यवस्था में कब और कैसे होगा सुधार ?

लखनऊ
यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था आज भी वैसी ही है जैसी चार साल पहले थी, लेकिन सवाल यह कि इसके लिए दोषी कौन वहां के कर्मचारी, डॉक्टर, स्वास्थ्य अधिकारी या फिर सरकार। असल में इन सभी की गलतियों के मिले जुले संगम के कारण ही यूपी की स्वास्थ्य सेवा का बुरा हाल है,  इसमें चिंता का विषय यह है कि इसके लिए कोई विशेष कदम उठाए भी नहीं जा रहे। प्रदेश के हर शहर और जिले में मरीज चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहे हैं।

सरकारी जिला अस्पतालों में मरीजों की लंभी लाइन लगी है। मरीजों को डॉक्टरों का लंबा इंतजार करना होता है। हालात ये हैं कि परामर्श केंद्र भी कोई सही जवाब देने में अस्मर्थ साबित होता है। पश्चिमी यूपी के सबसे बड़े अस्पताल मेडिकल कॉलेज में मरीजों को दवाइयों के संकट का सामना भी करना पड़ रहा है। उधर मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि दवाइयों का संकट है, बजट मिल नहीं रहा है जिस कारण से काफी दिक्कत हो रही है। अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जहां सरकार आम आदमी को चिकित्सा से संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दवा करती है वहीं सरकार के ये आकड़ें फेल साबित हो रहे हैं।

अक्सर तर्क दिया जाता है कि इतनी विशाल जनसंख्या को कैसे सारी सुविधाएं मुहैया कराई जा सकती है ? वहीं अब डॉक्टर एक और तर्क देते हैं कि सरकार ने बाहर से दवा लिखने को मना किया है। लेकिन अस्पताल में वो दवा मौजूद नहीं होती है। जिसकी वजह से मरीज का इलाज नहीं हो पाता है, और उसे जान गवां देनी पड़ती है। सरकारी अस्पताल दवा और बेड न होने का ठीकरा सरकार के सर फोड़ देते है। वहीं सरकार सारा दोष अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के सिर मढृ देता है। लेकिन अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर नजर रखने के लिए ही तो सरकार का चुनाव किया जाता है।
अस्पतालों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए कई बार साक्षात्कार होने के बावजूद कोई नहीं मिल रहा है, यदि किसी पद पर नियुक्ति होती भी है तो बड़ा पैकेजे मिलने के बाद वह अस्पताल छोडक़र चला जाता है।

स्वास्थ्य व्यवस्था का यह हाल वैसे तो पूरे भारत में है। लेकिन यूपी में हालात कुछ ज्यादा ही बुरे हैं। इसके लिए सरकार के साथ- साथ स्वास्थ्य अधिकारी भी पूरी तरह जिम्मेदार हैं, इसके लिए सबको मिलकर पूर्ण जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए ताकि यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था को सही तरीके से व्यवस्थित किया जा सके। किसी भी देश और राज्य के लिए वहां के लोगों का स्वस्थ रहना बहुत जरुरी है ऐसे में अगर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक नहीं होगी तो यह कैसे संभव हो सकेगा ?