राजस्थान औषधि नियंत्रक विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई – करोड़ों के नेत्र लैंस पकड़े

जयपुर
राजधानी में चिकित्सकीय इंप्लांट में घपलेबाजी की जड़े कितनी गहरी हैं, इसकी तस्वीर गत दिवस औषधि नियंत्रण संगठन की कार्रवाई में सामने आ गई। संगठन ने गुर्जर की थड़ी के पास कटेवा नगर स्थित मकान नंबर 377 में छापा मारा तो वहां बिना लाइसेंस के करीब 3 करोड़ रुपए के नेत्र लैंस मिले। 400 रुपए कीमत के लैंस 6 हजार तक मेंं बेचे जा रहे थे। चेन्नई की नेत्र लैंस कंपनी अप्पा स्वामी एसोसिएट्स की ओर से सेल्समेन पिल्लई के जरिये यह गड़बड़ी चल रही थी। टीम ने लैंस कब्जे में लेकर आगे कार्रवाई शुरू की।

बड़ा सवाल – इतनी बड़ी संख्या में आंखों के लैंस अवैध तौर पर पाए जाने के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि बिना लाइसेंस वाली इस कंपनी से आखिर इनकी खरीद कौन कर रहा है ?
ड्रग एक्ट में लैंस – संगठन अफसरों के अनुसार नेत्र लैंस का कारोबार ड्रग एक्ट के तहत होता है। इसकी बिक्री संगठन की निगरानी में होनी चाहिए। बिना लाइसेंस इस तरह की गड़बड़ी होने से इनकी कीमत का भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता और इन्हें किसी भी कीमत पर बेचा जा सकता है, जिसका नुकसान मरीजों को होना तय है।

90 रुपए का लैंस मरीजों को 1700 रुपए में लगाते थे डॉक्टर
कटेवानगर स्थित अप्पा सामी एसोसिएट कंपनी जिन अस्पतालों को 850 रुपए का सिंगल लैंस बेच रही थी वे और डॉक्टर मरीजों को ये लैंस 1700 रुपए तक लगा रहे थे। इसी प्रकार 2500 रु.का फोल्डेड लैंस अस्पताल को 15000 हजार रुपए में बेचा जा रहा था और मरीज को 20 हजार रुपए में लगाया जा रहा था। यह पुष्टि हुई है ड्रग विभाग की ओर से कंपनी की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में। अब विभाग उन अस्पतालों की पड़ताल में जुटा है, जहां ये लैंस बेचे गए। विभाग की प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि पिछले छह महीने से अधिक समय से ये लैंस बेचे जा रहे थे और हजारों लोगों को ये लग चुके हैं। ड्रग कंट्रोलर और चिकित्सा विभाग इन अस्पतालों और मरीजों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा, जिन्हें ये लैंस लगाए गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रदेश के कई बड़े आई हॉस्पिटल्स के साथ छोटे हॉस्पिटल्स में इन लैंस की सप्लाई हो रही थी।
मामले की जांच चल रही है – ड्रग कंट्रोलर का कहना है कि न्यायालय से कस्टडी आदेश लेने के बाद अब सक्षम न्यायालय में कार्यवाही की जाएगी। पुड्डुचेरी के ड्रग कंट्रोलर से कंपनी प्रोडक्ट की जानकारी मांगी है। कटेवा नगर स्थित फर्म के यहां से 2 करोड़ 93 लाख के बिना लाइसेंस के लैंस जब्त कर लिए गए है। किन अस्पतालों के डॉक्टरों को बेचे है ये तो जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।