एक साल में चार करोड़ भी खर्च नहीं कर सका स्वास्थ्य विभाग

फीरोजाबाद
स्वास्थ्य विभाग की झोली धन से भरी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग खर्च करने के लिए योजना नहीं बना पा रहा है। ऐसे में मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं ? गत दिवस को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मंडलीय प्रबंधक पवन शर्मा ने सीएमओ और डीपीएमओ दफ्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। वित्तीय धनराशि को खर्च करने में जिला स्वास्थ्य विभाग काफी पीछे है।

स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय वर्ष 2014-15 में करीब आठ करोड़ रुपये का बजट भेजा था, जो दिसंबर की 31 तारीख को विभिन्न मदों में खर्च करना था। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी कार्यों से बचते रहे और गरीब जनता को सुविधाएं प्रदान करने के लिए आया बजट काम नहीं आया। आठ करोड़ धनराशि के बजट में से अब तक 40 प्रतिशत ही खर्च किया गया है। यदि विभाग 20 दिन में बजट खर्च नहीं कर पाता है तो शासन को बजट वापस भेज दिया जाएगा। मंडलीय प्रबंधक प्रबंधक शर्मा ने कम खर्चे का कारण जानते हुए कार्यक्रमों की समीक्षा की। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि जो दवाओं के सैंपल लिए हैं, उनकी सप्लाई नहीं हुई है।