पीबीएम में नि: शुल्क दवाओं के 24 नमूने फेल

बीकानेर

पीबीएम अस्पताल में 1 नवम्बर 2014 से अब तक मुख्यमंत्री नि: शुल्क दवा योजना में आपूर्ति की जा रही दवाओं के 24 नमूने फेल हुए हैं। इसमें इस वर्ष 17 नवम्बर 2015 को मैथामाइसिन (इंजेक्शन) दवा का नमूना फेल हो गया। इस दवा को तुरन्त प्रभाव से हटा दिया गया है। वहीं राज्य सरकार ने जेक्सन कंपनी की दवाओं के तीन से ज्यादा नमूने फेल होने से ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। अब इस कंपनी की दवाओं की आपूत्र्ति पर प्रतिबंध है। पीबीएम में दवा वेयर हाउस के प्रभारी डॉ. गौरी शंकर जोशी ने बताया कि नि: शुल्क दवा योजना में जितनी दवाएं आती है उनके नमूने गुणवत्ता, दर्शाए गए संघटक की जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजते हैं।

जांच में सही पाए जाने वाली दवाएं ही मरीजों को दी जाती है। उन्होंने बताया कि दवाओं के नमूने लेना, उनकी जांच और फेल होना सामान्य सी प्रक्रिया है। मरीजों को बिना प्रयोगशाला की सही रिपोर्ट के बिना दवाएं नहीं दी जाती। डॉ. जोशी ने बताया कि दवाओं के  नमूने  प्रयोगशाला  में  जांच के लिए भेजना सामान्य प्रक्रिया हैं अभी कौन से तीन नमूने फेल हुए हैं उनकी अलग से कोई  रिपोर्ट नहीं आई  है। इधर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में दवा वितरण के प्रभारी डॉ. नवल गुप्ता ने बताया कि उनके  यहां तो बैंडेज के नमूने फेल हुए हैं।
दवाओं के नमूने फेल होने की उनके पास कोई रिपोर्ट नहीं है। सीएमएचओ से आपूर्ति होने  वाली  दवाओं के अभी कोई नमूने ही नहीं लिए गए हैं।