एलएनजेपी अस्पताल पर एसीबी की रेड, दस्तावेज जब्त किए

नई दिल्ली। एलएनजेपी अस्पताल में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की टीम ने रेड कर कुछ जरूरी कागजात कब्जे में लिए हैं। यह छापामारी घटिया सर्जिकल उपकरणों और चिकित्सा संबंधी चीजों की सप्लाई करने के मामले की बताई जा रही है। एसीबी ने अस्पताल में इस मामले से जुड़े दस्तावेज हासिल करने के लिए कुछ जगहों पर तलाशी ली।

सर्जिकल उपकरण के बारे में जानकारी ली

बता दें कि एसीबी ने इसी महीने कथित तौर पर सब स्टैंडर्ड सर्जिकल उपकरण और चिकित्सा संबंधी चीजों की सप्लाई के मामले में एफआईआर दर्ज की थी। तभी से जांच की जा रही है। इसी सिलसिले में एसीबी की टीम ने अस्पताल पहुंचकर कॉटन, बैंडेज, इन्फ्यूजन सेट और अन्य सर्जिकल उपकरण के बारे में जानकारी ली।

सूत्रों के मुताबिक, लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में इन सामानों की सप्लाई करने वाली सप्लायर कंपनियों की भी जांच की जा रही है। इससे पहले छह अस्पतालों को घटिया, नकली और खराब गुणवत्ता वाली सर्जिकल वस्तुओं जैसे कॉटन, रोल्ड बैंडेज, इन्फ्यूजन सेट, सर्जिकल दस्ताने और अन्य सर्जिकल वस्तुओं के इस्तेमाल की कई शिकायतें स्वास्थ्य विभाग और एसीबी को मिली थीं।

मामले में डॉक्टरों की भूमिका की जांच

स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपल एकत्र करने और जांच के लिए कई टीमों का गठन किया गया। इसके बाद जांच की जिम्मेदारी अब भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की टीम कर रही है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित डॉक्टरों की भूमिका की बारीकी जांच की जा रही है।

जीईएम पोर्टल से की गई खरीद

एलएनजेपी
एलएनजेपी अस्पताल में एसीबी की रेड पर दिल्ली सरकार ने सफाई पेश की है। बताया गया कि जिन घटिया सामान की बात हो रही है, वह केंद्र सरकार के जीईएम नामक पोर्टल से खरीदे गए थे। वित्त नियमों में यह अनिवार्य है कि सरकारी विभाग जीईएम से उत्पाद खरीदें। अगर वहां सामान उपलब्ध नहीं है तो उन्हें टेंडर निकालकर खुले बाजार से खरीदा जा सकता है।

सीबीआई से जांच कराने की मांग 

दिल्ली सरकार का कहना है कि यह हैरानी की बात है कि केंद्र सरकार अपने पोर्टल पर ऐसे विक्रेताओं को अनुमति दे रही है जो घटिया उत्पाद बेच दे रहे हैं। ऐसे उत्पादों की सप्लाई न केवल दिल्ली सरकार, बल्कि अन्य राज्य सरकारों और केंद्र सरकार को भी की जा रही है। दिल्ली सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की है।

Advertisement