पारंपरिक कारोबार पर दवा कंपनियों का जोर

डाबर इंडिया पिछले कुछ महीनों से विभिन्न शहरों के डॉक्टरों और दवा की दुकानों तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए जबरदस्त कोशिश कर रही है। कंपनी विज्ञापन के जरिये अपने उत्पादों को प्रोत्साहित करने के विकल्प तलाश रही है और इसी उद्देश्य से कंपनी अपने उत्पादों के साथ डॉक्टरों और दवा विक्रेताओं से संपर्क साध रही है। डाबर अपने उत्पादों के वितरण के लिए सीधे दवा विक्रेताओं तक पहुंचना चाहती है। इसके लिए वह अपने सेल्समैन को विभिन्न शहरों में दवाओं की दुकानों पर भेज रही है। एक स्वास्थ्य सेवा कंपनी के लिए डाबर के सीईओ सुनील दुग्गल की चिंता स्वाभाविक है। कंपनी करीब 1,50,000 केमिस्टों के अपने मौजूदा आधार में 75,000 दवा विक्रेताओं को पहले ही जोड़ चुकी है। दुग्गल ने कहा कि अब करीब 2.25 लाख दवा विक्रेताओं तक कंपनी की सीधी पहुंच हो चुकी है।

डाबर अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो पिछले कुछ महीनों के दौरान दवा विक्रेताओं को जोडक़र सामान्य कारोबार को बढ़ाने पर जोर दे रही है।