फेयरनेस क्रीम का स्टॉक जब्त, लेबल पर त्वचा का रंग गोरा करने का था दावा

हैदराबाद। फेयरनेस क्रीम का स्टॉक जब्त किया गया है। राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन (डीसीए) ने मिरयालगुडा में दुकान से फेयर एंड ब्राइट क्रीम नामक दवा को जब्त किया है। इस दवा के लेबल पर त्वचा का रंग सुधारने की बात लिखी गई है, जो कि प्रतिबंधित है।

त्वचा का रंग गोरा करने का दावा

औषधि नियम डीसीए के अनुसार, नलगोंडा जोन के अधिकारियों को सूचना मिली कि बाजार में फेयर एंड ब्राइट क्रीम ब्रांड नाम के तहत धड़ल्ले से बेची जा रही है। यह हाइड्रोक्विनोन, ट्रेटीनोइन और मोमेटासोन फ्यूरोएट है। इसके लेबल पर त्वचा का रंग गोरा करने का दावा किया गया है। जबकि किसी दवा पर ऐसा दावा करना प्रतिबंधित है।

क्रीम में हाइड्रोक्विनोन

डीसीए अधिकारियों ने श्री गोपी कृष्ण मेडिकल्स, इस्लामपुरा, मिर्यालगुडा में दवा फेयर एंड ब्राइट क्रीम का पता लगाया। इसके लेबल पर दावा किया गया है कि क्रीम में हाइड्रोक्विनोन है। यह त्वचा के काले धब्बों को हल्का करता है। इसमें मौजूद ट्रेटीनोइन महीन झुर्रियों को कम करके त्वचा की उपस्थिति में सुधार करता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा में कठोरता कम और रंग साफ होता है।

हिमाचल प्रदेश में दवा का निर्माण 

फेयरनेस क्रीम

बता दें कि दवा पर त्वचा का रंग सुधारने का दावा करना औषधि नियमों की अनुसूची जे के तहत प्रतिबंधित है। इस प्रतिबंधित दावे वाली दवा का निर्माण बीसीएल फार्मा, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश में किया गया था। इसकी बिक्री मेसर्स एशले फार्माटेक प्राइवेट लिमिटेड, वसंत कुंज, नई दिल्ली द्वारा की जा रही थी।

10,080 रुपये कीमत का स्टॉक जब्त

छापेमारी के दौरान डीसीए अधिकारियों ने 10,080 रुपये कीमत का स्टॉक जब्त किया है। इस छापामारी के दौरान टीम में के दास, सहायक निदेशक, नलगोंडा, और के सोमेश्वर, ड्रग्स इंस्पेक्टर, मिर्यालगुडा, और जी सुरेंद्र, ड्रग्स इंस्पेक्टर, सूर्यापेट शामिल रहे।

 

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