पतंजलि का टूथपेस्ट वेज या नॉनवेज , दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली। पतंजलि का टूथपेस्ट दिव्य मंजन वेज या नॉनवेज होने के संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट ने रिपोर्ट तलब की है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय द्वारा गठित समिति से दवा उत्पादन में कच्चे माल को शाकाहारी, मांसाहारी या अन्य श्रेणियों के रूप में वर्गीकृत करने के लिए मानदंड निर्धारित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस बारे में न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने समिति को 10 सप्ताह के भीतर अपनी सिफारिशें देने को कहा है।

यह है मामला

वकील यतिन शर्मा ने पतंजलि के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि पतंजलि अपने उत्पाद दिव्य मंजन में मांसाहारी सामग्री का प्रयोग कर रही है। उनका कहना है कि उत्पाद के लेबल पर शाकाहारी होने का दावा किया गया है। शर्मा ने कहा कि पतंजलि कंपनी अपने उत्पाद को गलत तरीके से पेश करके जनता को धोखा दे रही है। उनकी धार्मिक भावनाओं को नुकसान पहुंचा रही है।

मंत्रालय की प्रतिक्रिया के अनुसार, 1945 के ड्रग्स और कॉस्मेटिक्स नियमों के नियम 161 में ऐसे किसी भी प्रावधान को शामिल नहीं किया गया है, जिसमें ऐसे संकेत या चिह्न का उल्लेख हो जो यह दर्शाता हो कि संबंधित उत्पाद में गैर- शाकाहारी वस्तुएँ हैं।

समिति 10 सप्ताह के अंदर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करे

पतंजलि

बोर्ड ने पिछले साल बैठक के दौरान कच्चे माल को वर्गीकृत करने के लिए मानक स्थापित करने के लिए एक समिति बनाने का सुझाव दिया था। ऐसे कई धार्मिक, नैतिक और भौगोलिक कारक हैं जो इस बात को प्रभावित करते हैं कि कोई व्यक्ति शाकाहारी है या नहीं। कोर्ट ने कहा कि गठित समिति 10 सप्ताह के अंदर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करे।

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