नशीली दवाइयां नहीं बेच सकेंगे मेडिकल स्टोर , लगा प्रतिबंध

नकली नशीली दवाइयां

श्रीगंगानगर। नशीली दवाइयां नहीं बेचने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ये आदेश मेडिकल स्टोर संचालकों के लिए जिला पुलिस अधीक्षक ने दिए। उन्होंने बताया कि कुछ दवाइयां जो एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे के रूप में परिभाषित नहीं हैं, उनको लोग टेबलेट या इन्जेक्शन के रूप में नशे के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हंै।

जिला कलक्टर ने जारी किए आदेश

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अंशदीप ने जिले में उक्त दवाइयों की खुली/अनियन्त्रित बिक्री पर तुरन्त प्रभाव से रोक लगा दी है। थोक एवं खुदरा दवा विक्रेता अथवा अन्य अनाधिकृत व्यक्ति या फर्म द्वारा प्रीगाबलिन की 75 मिग्रा. से अधिक मात्रा की दवाइयों का क्रय-विक्रय नहीं करेंगे।

बिना बिल के दवा खरीदें या बेचें नहीं

थोक एवं खुदरा दवा विक्रेता अथवा अन्य अनाधिकृत व्यक्ति या फर्म द्वारा उक्त दवाइयां बिल के बिना खरीद या बेच नहीं सकेंगेे। थोक दवा विक्रेता उक्त दवाइयों के खरीद या बेच का दैनिक स्टॉक रजिस्टर बैच नम्बर सहित उल्लेख करेंगे। खुदरा दवा विक्रेता प्रीगाबलिन की 75 मिग्रा., टापेंटाडोल, जोपिक्लोन का विक्रय चिकित्सक की मूल पर्ची पर अपनी मुहर व दिनांक अंकित करते हुए करेंगे।

हर माह 3 से 5 दवा दुकानों को निरीक्षण करने के निर्देश

सहायक औषधि नियन्त्रक थोक एवं खुदरा दवा विक्रेता के टापेंटाडोल, जोपिक्लोन साल्ट आधारित दवाइयों के खरीद या बेच की मासिक रिपोर्ट की जांच करेंगे। वे सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी एवं पुलिस विभाग परस्पर समन्वय स्थापित कर टीमें बनाकर (प्रत्येक माह 3 से 5) मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण करेंगे। किसी भी प्रकार की अनियिमतता या उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जाना सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा, सहायक औषधि नियन्त्रक कार्यवाही से उपखण्डवार रजिस्टर/ सूचनाओं को सम्बन्धित उपखण्ड अधिकारी से सत्यापित करवायेंगे।

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