प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाओं के तस्कर गिरोह का पर्दाफाश

पटियाला। प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाओं की सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करने में पुलिस को सफता मिली है। इस गिरोह के दो सदस्यों से 1.05 लाख प्रतिबंधित गोलियां बरामद की गई हैं। बताया गया है कि जब्त की गई दवा लोमोटिल नाम से है। इसका इस्तेमाल पुराने दस्त के इलाज में किया जाता है। फिलहाल यह दवाएं प्रतिबंधित हैं।

यह है मामला

पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाओं के तस्कर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से कुल 1.05 लाख गोलियां बरामद हुईं। आरोपियों की पहचान कुलविंदर सिंह और पलविंदर सिंह निवासी दोराहा जिला लुधियाना के रूप में हुई है। जब्त दवा लोमोटिल है। इसे डायरिया के पुराने मामलों के इलाज के लिए लिया जाता है।

दस्त के इलाज में होती है इस्तेमाल

पुलिस के अनुसार ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियमों के तहत एक अनुसूचित दवा, इसे पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के लिखे बिना नहीं बेचा जा सकता है। लोमोटिल टैबलेट में डिफेनोक्सिलेट होता है। यह फेनिलपाइपरिडीन श्रृंखला की एक साइकोट्रोपिक दवा है। इसका उपयोग दस्त के इलाज के लिए एट्रोपिन के साथ संयोजन दवा के रूप में किया जाता है।

सहारनपुर से कम दामों पर खरीदकर लाते थे दवा

पूछताछ में दोनों आरोपियों पता चला है कि वे लंबे समय से इस अवैध धंधे में लगे हुए थे। वे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कम दामों पर प्रतिबंधित गोलियां खरीदते और उन्हें पंजाब के मालवा क्षेत्र में अपने सहयोगियों को सप्लाई करते थे।

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