सरकारी अस्पताल में घायल को चढ़ा दिया दूसरे ग्रुप का ब्लड, मरीज की मौत

जयपुर (राजस्थान)। सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह हॉस्पीटल में नर्सिंग स्टाफ की बड़ी लापरवाही सामने आई है। घायल युवक को दूसरे ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया गया। इसके बाद युवक की दोनों किडनियों ने काम करना बंद कर दिया। शुक्रवार को मरीज की मौत हो गई।

यह है मामला

मृतक सचिन बांदीकुई का रहने वाला था और 12 फरवरी को उसका कोटपूतली के पास एक्सीडेंट हो गया था। इसके बाद परिजनों ने सचिन को एसएमएस अस्पताल जयपुर के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया था। सचिन के इलाज के दौरान ब्लड की जरूरत पड़ी। डॉक्टर ने मरीज का सेंपल लिया जो ओ पॉजिटिव था। लेकिन डॉक्टर की लापरवाही के चलते उन्हें एबी पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया गया। इसके बाद सचिन के पेट और कमर में दर्द होने लगा।

किडनियां हो गई खराब 

फिर से डॉक्टर ने सचिन का ब्लड सैंपल लिया तो परिजनों को पता चला कि सचिन का ब्लड ग्रुप ओ है और डॉक्टर ने एबी पॉजिटिव ब्लड चढृा दिया। जांच में सामने आया कि गलत ब्लड चढ़ाने से सचिन शर्मा की किडनियां खराब हो गई थी। इससके चलते मरीज सीरियस हो गया और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। हालांकि, डॉक्टर्स ने सचिन को बचाने की लाख कोशिश की, लेकिन एक गलती उनकी लाख कोशिशों पर भारी पड़ी। मरीज ने शुक्रवार को एसएमएस अस्पताल में दम तोड़ दिया।

परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप

सचिन शर्मा की मौत के मामले में उसके परिजनों ने डॉक्टर्स पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि समय रहते अगर डॉक्टर्स ध्यान देते तो सचिन की जान बच जाती। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने पर्ची पर ब्लड सेंपल लिख कर दिया। इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई।

ब्लड सैंपल नर्सिंग स्टाफ की जगह एक वार्ड बॉय ने लिया

सचिन के ताऊ महादेव और भाई लवकुश ने बताया कि इमरजेंसी केस को देखते हुए उसका ब्लड सैंपल लिया गया। यह ब्लड सैंपल नर्सिंग स्टाफ की जगह एक वार्ड बॉय ने लिया। इसी कारण बड़ी गलती हुई। इसके बाद गलत ब्लड ग्रुप की पर्ची पर उसे ब्लड और प्लाज्मा चढ़ा दिया गया। ब्लड चढऩे के बाद पीडि़त सचिन की तबीयत खराब हो गई। जिससे उसकी मौत हुई। सचिन के पिता ने एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर दो दोषी डॉक्टर और अन्य स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

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