कॉलेस्ट्रॉल और शुगर समेत 100 दवाएं होंगी सस्ती, केंद्र सरकार ने दी राहत

नई दिल्ली। कॉलेस्ट्रॉल और शुगर समेत सौ दवाइयां सस्ती हो जाएंगी। इस संबंध में भारत सरकार के रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल्स ने अधिसूचना जारी कर दी है।

सरकार ने सौ से ज्यादा दवाइयों की कीमतों में कटौती की है। नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने 69 नए फॉर्मुलेशन के रिटेल दाम और 31 की बाजार कीमतें तय कर दी है। इससे, कोलेस्ट्राल, मधुमेह, दर्द, बुखार, कैल्शियम और विटामिन डी 3 जैसी 100 से ज्यादा दवाएं सस्ती हो जाएंगी।

इन दवाओं की कीमत होगी कम

नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी के फैसले से आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। बता दें कि शुगर और कोलेस्ट्रॉल की दवाएं लंबे समय तक चलती हैं। ऐसे में इनकी कीमतों में कटौती से राहत मिलेगी। किसी भी तरह के दर्द में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतों में भी कटौती हुई है।

ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली वैसी दवा जो अत्यधिक ब्लीडिंग को रोकने में मदद करती है, उसकी कीमतों में भी कटौती हुई है। सांप काटने पर दी जाने वाली दवा एंटीवेनम के दाम भी अब कम हो जाएंगे। इसके अलावा, बुखार, इंफेक्शन, कैल्शियम की गोली, विटामिन डी3 की दवा, बच्चों के एंटीबायोटिक्स आदि दवाओं की कीमतों में कटौती होगी।

एनपीपीए करता है दवाओं के मूल्य पर कंट्रोल

गौरतलब है कि नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण संगठन है। यह दवाओं और अन्य चिकित्सा सामग्रियों के मूल्यों की नियंत्रण करता है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय जनता के लिए औचित्यपूर्ण दवाइयों और चिकित्सा सामग्रियों के व्यापक उपयोग और उपलब्धता की सुनिश्चितता करना है।

यह भारत में दवाओं की मूल्यों को नियंत्रित करने के लिए नीतियों और दिशानिर्देशों को जारी करता है। कुछ दवाओं के लिए एक निर्धारित फॉर्मूले का उपयोग किया जाता है, जिसे फॉर्मूला बेस्ड प्राइसिंग कहा जाता है, ताकि उनकी मूल्यों को नियंत्रित किया जा सके।

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