प्रतिबंधित दवा बेचने पर 59 मेडिकल स्टोर के लाइसेंस सस्पेंड किए

जयपुर। प्रतिबंधित दवा बेचने पर 59 मेडिकल स्टोर संचालकों के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। वहीं, दो दवा विक्रेताओं के लाइसेंस कैंसिल किए गए हैं।

यह है मामला

स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर प्रदेशभर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार एवं दुरूपयोग पर रोक लगाने के लिए 15 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान औषधि नियंत्रण अधिकारियों द्वारा दवा विक्रेताओं की गहनता से जांच की जा रही है।

35 लाख की दवाओं का स्टॉक किया जब्त

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया कि अभियान के तहत बीकानेर, श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिलों में करीब 35 लाख रुपये की दवाओं के स्टॉक को जब्त किया गया है। 59 औषधि विक्रेताओं के लाइसेन्स निलम्बित, दो दवा दुकानदारों के लाइसेन्स कैंसिल किए गए हैं।

करीब 200 दवा विक्रेता फर्मों का निरीक्षण किया गया है। इनमें से 33 दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। 112 दवा दुकानदार एनडीपीएस घटकयुक्त औषधियों के विक्रय बिल नहीं दिखा पाए।

आरोपी दुकानदार को किया गिरफ्तार

प्रतिबंधित दवा

औषधि नियंत्रण अधिकारी जोधपुर पंकज गहलोत की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी संजय त्यागी के कब्जे से एनडीपीएस घटकयुक्त औषधि का स्टॉक जब्त कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। साथ ही उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है।

औषधि नियंत्रण अधिकारी, श्रीगंगानगर अमनदीप ने बिना औषधि अनुज्ञापत्र के संचालित की जा रही फर्म के मालिक राहुल के कब्जे से दवाओं के स्टॉक को जब्त किया है। औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने दवा विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि डॉक्टर की पर्ची पर ही एनडीपीएस घटकयुक्त दवाइयां बेची जाएं। साथ ही मरीज के नाम विक्रय बिल जारी किया जाए।

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