लिव-52 टैबलेट समेत 31 आयुर्वेदिक दवाओं पर लगा बैन, जांच में नकली मिली

लखीमपुर खीरी। लिव-52 टैबलेट समेत 31 आयुर्वेदिक दवाओं को जांच में मिलावटी पाए जाने पर बैन कर दिया गया है। इनमें 21 दवाओं में मिलावट पाई गई और 10 टैबलेट नकली मिलीं। इसके चलते प्रदेश भर में विक्रेताओं और निर्माताओं को संबंधित बैच की इन दवाओं की बिक्री न करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह है मामला

क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. हरबंश कुमार ने बताया कि सिस्टोन सिरप और लिव-52 टैबलेट के सैंपल लखीमपुर से लिए गए थे। इनके अलावा भी प्रदेशभर से सैंपल लिए गए थे। ये सैंपल लखनऊ की राजकीय विश्लेषक, आयुर्वेदिक एवं यूनानी औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए। अब इनकी जांच रिपोर्ट आ गई है।

ये मिली खामियां

सिस्टोन सिरप और लिव 52 टैबलेट के सैंपल जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। सिस्टोन सिरप में 40 फीसदी से अधिक शुगर की मात्रा मिली, जो लेबल पर अंकित नहीं थी। वहीं, लिव-52 में मंडूर भस्म का मिश्रण एवं दारुहरिद्रा का प्रयोग लेबल पर सही ढंग से नहीं दर्शाया गया।

डॉ. हरबंश ने बताया कि लखीमपुर के साथ ही कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, सीतापुर, गाजियाबाद, सहारनपुर आदि जिलों में भी दवाओं के सैंपल लिए गए थे। ये जांच में फेल पाए गए हैं। अब ये दवाएं उन्हीं नए बैच की बिक सकेंगी, जिनकी जांच हो जाएगी।

क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. हरबंश कुमार ने बताया कि सिस्टोन सिरप, लिव 52 टैबलेट सहित 31 प्रकार की दवाएं जांच में फेल पाए जाने पर इनकी बिक्री रोक दी गई है। बैन लगाने के बाद भी अगर कोई इन दवाओं को बेचते हुए हुए मिला तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आमजन से भी अपील है कि इन प्रतिबंधित दवाओं का इस्तेमाल न करें।

ये दवाइयां मिलावटी पाई गई

गाजियाबाद से लिए गए विश्वास गुड हेल्थ कैप्सूल आयुर्वेदा, कानपुर से पेन निल चूर्ण, एज-फिट चूर्ण, अमृता आयुर्वेदिक चूर्ण, स्लीमेक्स चूर्ण, दर्द मुक्ति चूर्ण, आर्थोनिक चूर्ण, योगी केयर, लखनऊ से माइकॉन गोल्ड कैप्सूल, डायबियंट शुगर केयर टैबलेट, हाईपावर मूसली कैप्सूल, डायबिक केयर, गौतमबुद्ध नगर से झंडु लालिमा ब्लड एंड स्किन प्यूरिफायर, में मिलावट पाई गई है।

इनके अतिरिक्त गाजियाबाद से हेल्थ गुड सीरप, हेपलिव डीएस सीरप, लखीमपुर से सिस्टोन सीरप, सीतापुर से बायना प्लस आयल, गौतमबुद्ध नगर से वातारिन ऑयल, गौतमबुद्ध नगर से लिव-52, वाराणसी से न्यू रिविल, लखनऊ बोस्टा एम आर टैबलेट, लखीमपुर से लिव-52 के सैंपल लिए गए थे, जो मिलावटी पाई गई हैं।

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