स्टेरॉयड इंजेक्शन और टैबलेट्स जब्त, गलत तरीके से बिक्री करने का मामला

हैदराबाद। स्टेरॉयड इंजेक्शन और टैबलेट जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई कुथबुल्लापुर जोन के ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (डीसीए) के अधिकारियों ने की। बताया गया कि बाजार में ‘THIAMP-100 टैबलेट’ (थियामिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट 100 मिलीग्राम) बाजार में बेची जा रही थी। इन्हें जब्त कर लिया गया है।

गलत तरीके से निर्मित किया

डीसीए के अनुसार थियामिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट को खाद्य लाइसेंस (एफएसएसएआई लाइसेंस) के तहत गलत तरीके से निर्मित किया गया था। इसे खाद्य उत्पाद/न्यूट्रास्यूटिकल के रूप में बेचा जा रहा था। इस टेबलेट का निर्माण वतावे हेल्थकेयर, पंजाब में किया गया है।

थायमिन हाइड्रोक्लोराइड गोलियां अवैध रूप से बेची जा रही थी

एम्पिरा बायोटेक्निक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा थायमिन हाइड्रोक्लोराइड गोलियों को अवैध रूप से बेचा जा रहा था। उत्पाद ‘THIAMP-100 टैबलेट’ के लेबल में थियामिन हाइड्रोक्लोराइड 100 मिलीग्राम होने का दावा किया गया है। इसे ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार विटामिन बी1 की कमी के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

बताया गया है कि ‘THIAMP-100 टैबलेट’ (थियामिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट 100 मिलीग्राम) का निर्माण केवल ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत जारी ड्रग लाइसेंस के तहत किया जाना चाहिए, जिसमें उल्लिखित अच्छी विनिर्माण प्रथाओं (जीएमपी) का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

जीएमपी) के अनुसार उत्पादित नहीं

डीसीए के महानिदेशक कमलासन रेड्डी ने कहा कि इसे अनिवार्य रूप से इंडियन फार्माकोपिया (आईपी) में निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करना होगा। गौरतलब है कि खाद्य लाइसेंस के तहत गलत तरीके से निर्मित और बेची जाने वाली दवाएं अच्छी विनिर्माण प्रथाओं (जीएमपी) के अनुसार उत्पादित नहीं की जाती हैं।

अक्सर भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) में निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में विफल रहती हैं। ऐसे उत्पाद मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा करते हैं और इसके गंभीर प्रभाव हो सकते हैं।

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