स्वास्थ्य विभाग ने पांच प्राइवेट अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन किया कैंसिल, मरीजों की भर्ती पर रोक

जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग ने शहर के पांच प्राइवेट अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया है। साथ ही इन अस्पतालों में मरीजों की भर्ती करने पर रोक लगा दी गई है। ये आदेश मुख्य स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जारी किए हैं। इन अस्पतालों के पास इलाज करने से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं मिले थे।

बताया गया है कि पंजीयन नवीनीकरण की प्रक्रिया के प्रति ये अस्पताल लापरवाह रहे। मप्र रूजोपचार्य गृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 एवं नियम 1997 की धारा 6(2) के अंतर्गत अलग-अलग कारणों से रजिस्ट्रेशन समाप्त करने की कार्रवाई की गई है। पांचों अस्पताल प्रबंधन को कहा गया है कि भर्ती मरीजों का समुचित इलाज पूर्ण कर उन्हें डिस्चार्ज करने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को भेजें। उनहें कोई भी नया मरीज भर्ती ना करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन अस्पतालों पर गिरी गाज

1. आदित्य सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल- फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं है।

2. आकांक्षा हॉस्पिटल- पंजीयन नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया।

3. ग्रोवर मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल- पंजीयन नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया।
4. श्रीरावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल- फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं है।

5. स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल- पंजीयन नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं किया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. संजय मिश्रा ने कहा कि निर्धारित मापदंडों को पूर्ण नहीं करने के कारण पांच अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया गया है। इसमें कुछ अस्पतालों ने पंजीयन नवीनीकरण का आवेदन नहीं किया था। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च थी। इस संबंध में संबंधित अस्पतालों को नोटिस भी भेजा गया। इसके बाद भी कई अस्पतालों ने आवेदन नहीं किया।

एसोसिएशन में शामिल नहीं आरोपी अस्पताल

नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अमरेंद्र पांडेय का कहना है कि प्रत्येक अस्पताल को निर्धारित मापदंड पूरे करने पर ही मरीजों के उपचार की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए। मापदंड पूरे नहीं होने पर स्वस्थ्य विभाग की कार्रवाई स्वाभाविक है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंजीयन समाप्त होने से पहले नोटिस दिए जाने की भी जानकारी है। जिन अस्पतालों पर कार्रवाई हुई, उनमें से ज्यादातर एसोसिएशन में शामिल नहीं हंै।

 

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