अरविंदो फार्मा के इंजेक्शन में मिली खराबी, अमेरिका से लॉट वापस मंगवाया

फार्मा सेक्टर

हैदराबाद। अरविंदो फार्मा की इकाई यूगिया में निर्मित मेथोकार्बमोल इंजेक्शन में खराबी की शिकायत मिलने पर इसका एक लॉट अमेरिका से वापस मंगाया गया है।

यह है मामला

एक ग्राहक ने मेथोकार्बमोल इंजेक्शन की शीशी के अंदर सफेद कण तैरते दिखने की शिकायत की थी। यह दवा नवंबर 2025 की एक्सपायरी वाले लॉट नंबर 3एमसी23011 की है। इस लॉट में 1,000 मिलीग्राम/10-मिलीमीटर की सिंगल-डोज शीशियां शामिल थीं। इसकी सप्लाई जनवरी माह में अमेरिका में की गई थी।

कंपनी ने दिया स्पष्टीकण

यूगिया के अनुसा ऐसे इंजेक्टेबल उत्पाद (जिसमें पार्टिकुलेट मैटर होता है) से जलन या सूजन हो सकती है। यदि ये कण रक्त वाहिकाओं तक पहुंच जाए तो हृदय, फेफड़े या मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं को अवरुद्ध कर सकता है। इससे स्ट्रोक हो सकता है और मृत्यु की भी संभावना हो सकती है।

हालांकि इस दवा वापसी के संबंध में किसी विपरीत प्रभाव की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। मेथोकार्बमोल इंजेक्शन का इस्तेमाल तीव्र, दर्दनाक मस्कुलोस्केलेटल स्थितियों से जुड़ी परेशानी से राहत के लिए किया जाता है।

सन फार्मा ने फेबक्सोस्टेट टैबलेट वापस मंगाई

सन फार्मा ने मार्च में कंपनी की निर्माण संयंत्र में माइक्रोबियल कंटामिनेशन संबंधित रिपोर्ट के बाद फेबक्सोस्टेट टैबलेट की 55,000 से अधिक शीशियों को वापस मंगाया। दिसंबर में मुंबई की कंपनी ने अमेरिका में लियोथाईरोनाइन सोडियम टैबलेट की 96,192 शीशियों को वापस मंगाया था। इनका इस्तेमाल थायरॉयड के इलाज में किया जाना था। इन दवाओं को दादरा स्थित संयंत्र में तैयार किया गया था।

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