सरकारी अस्पताल में मासूम की मौत, मामले की जांच के लिए समिति गठित

बूंदी (राजस्थान)। सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण छह महीने के मासूम की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस मामले में जांच के लिए समिति गठित की है।

यह है मामला

देई शहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक दंपती ने अपने छह महीने के बेटे बंटी को आपातकालीन वार्ड में दाखिल कराया। सीएचसी के प्रभारी डॉक्टर योगेश पंवार के अनुसार बच्चे को तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ थी। उसे गंभीर हालत में अंबु बैग सपोर्ट पर रखा गया था।

ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने प्राइमरी मेडिकल देखभाल के बाद बच्चे को रेफर कर दिया था। मौसम खराब होने और तेज हवा के कारण लाइट भी चली गई थी। हालांकि, बच्चा पूरे समय अंबु बैग सपोर्ट पर था और समय पर एम्बुलेंस को बुलाया गया।

परिजनों ने किया हंगामा

बताया गया कि एम्बुलेंस में ले जाते समय बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद अगले दिन सुबह मृतक के परिजनों ने अस्पताल के बाहर कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। लापरवाह कर्मचारियों को सस्पेंड करने की मांग की।

उन्होंने दावा किया कि बिजली गुल होने के कारण ऑक्सीजन सप्लाई रुक गई, जिससे बच्चे की मौत हुई। सर्किल अधिकारी डीएसपी शंकर लाल मीणा का कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।

समिति करेगी मामले की जांच

बूंदी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर ओपी समीर ने अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा लापरवाही और ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा के आरोपों को नकारा है। उन्होंने कहा कि बच्चा अंबु बैग सपोर्ट पर था। जब उसे एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा था तब उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, परिजनों के आरोपों के आधार पर सीएमओ ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है।

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