दवा नहीं मिली तो गुस्साए केजरीवाल

नई दिल्ली : अस्पतालों की व्यवस्था देखने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल औचक निरीक्षण करने एलएनजेपी और जीबी पंत अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने मरीजों के कार्ड पर लिखी दवा और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का स्टॉक जांचा। जीबी पंत में जब कई मेडीसिन नहीं मिली तो केजरीवाल का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। तत्काल डायरेक्टर को तलब किया और स्पष्टीकरण मांगा। मुख्यमंत्री के आदेश पर जीबी पंत अस्पताल के डायरेक्टर पूरा ब्यौरा लेकर सचिवालय पहुंचे। मुख्यमंत्री की मानें तो उन्होंने लगभग सभी मरीजों से बारी-बारी बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्था का बारीकी से मुआयना किया। बता दें कि अस्पताल प्रबंधन को सख्त हिदायत है कि दवा के अभाव में मरीजों का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए, न ही उन पर दवा के नाम पर आर्थिक बोझ पडऩा चाहिए।

एलएनजेपी में मरीजों ने बताया कि दवा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने पर्चे पर लिखी सभी दवाओं की स्वीकारोक्ति खुद मरीजों से ली। मरीजों ने बताया कि डॉक्टर जो दवा लिख रहे हैं, उनमें तमाम यहां आसानी से मिल जाती है। निरीक्षण के बाद दोनों अस्पतालों के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट और डायरेक्टर को सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि मरीजों को दवा काउंटर के लाइन में दवा के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े। ओपीडी रजिस्ट्रेशन में भी कम समय में मरीज के इलाज की व्यवस्था बनाएं। सीएम ने बताया कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर तरीके से दवाएं उपलब्ध कराने के लिए फार्मासिस्टों की कॉन्ट्रेक्ट भर्ती की मंजूरी के लिए उपराज्यपाल से अपील करेंगे। फॉर्मासिस्ट की संख्या बढऩे के बाद अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली दवाओं के लिए इंतजार कम होगा।