कैमिस्ट को ड्रग लाइसेंस की परेशानी से मिल ही गया छुटकारा

अम्बाला: केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दवा व्यवसाईयों व आमजन से सुझाव और पत्तियां आमंत्रित की थी जिसका समय अवधि 45 दिन था। दवा व्यवसाई संगठन व आमजन से मिली प्रतिक्रियाओं के आधार पर अंतिम अधिसूचना संख्या 882 दिनांक 2710 2017 के माध्यम से दवा व्यावसाई को अपने ड्रग्स लाइसेंस नवीकरण के समय संलग्न किए जाने वाले कागजातों से राहत दिलवाई। अब ड्रग्स लाइसेंस के नवीकरण के लिए मात्र सरकारी फीस के चालान जमा करवाने के बाद उस की मूल प्रति औषधि प्रशासनिक अधिकारी, जिसे सीनियर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर के नाम से जाना जाता है के कार्यालय में जमा करवाना होगा।

इसके बाद कार्यालय के नियमानुसार समय बद समय अवधि के बाद फार्म नंबर 21 के माध्यम से फर्म का ड्रग लाइसेंस नवीकरण कर दवा व्यवसाई रिटेल, होलसेल , राज्य वितरक एवं औषधि निर्माता को ई-मेल, डाक या स्वयं की उपस्थिति के समय उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इससे दवा व्यवसाईयों के शपथ पत्र एवं अन्य दस्तावेजों को तैयार करने मे लगने वाले समय से निजात मिल जाएगी। जो दवा व्यवसाई 5 वर्ष की अवधि हेतु मान्य ड्रग्स लाइसेंस के नवीकरण में किन्हीं कारणों से लेट हो जाते हैं उन्हें 6 माह में निर्धारित फीस का 2 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क जमा करवा अपना लाइसेंस नवीकरण करवाने की छूट बनी रहेगी छह माह तक अपना लाइसेंस नवीकरण ना करवा पाने की स्थिति में छह माह एक दिन के पश्चात संबंधित दवा व्यवसाई कार लाइसेंस अपने आप असद मना जाता था अब भी ऐसा ही होगा ।

औषधि एवं प्रसाधन विभाग के मौजूदा स्थिति अनुसार हरियाणा में ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर्स जिनका फील्ड में ज्यादा समय लगता था उसमें भी उन्हें राहत महसूस होगी क्योंकि इसी अधिसूचना संख्या 882 के आधार पर अब रिटेल होलसेल राज्य वितरक के व्यापारिक प्रतिष्ठान पर विभाग निरीक्षण की नजर से जहां एक वर्ष एक बार जाना अनिवार्य होता था। अब 3 वर्ष में एक बार ही जाना होगा। ऐसा नहीं की दवा व्यवसाई अब मनमानियां करने लगेंगे इस पर पैनी नजर बनाते हुए किसी भी शिकायत या गुप्त सूचना के आधार पर समय समय पर जांच के लिए किसी भी व्यापारिक स्थल पर जाने के लिए समय की कमी महसूस नहीं करेंगे। औषधि निर्माता के प्रतिष्ठान में निरीक्षण के लिए संयुक्तटीम के माध्यम से निरीक्षण के लिए जाएंगे। इस टीम में राज्य और केंद्रीय औषधि प्रशासनिक की टीम वर्क प्रभावी रहेगा।