ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट से हटा ड्रग लाइसेंस नवीनीकरण शब्द

समस्तीपुर: ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट से नवीनीकरण शब्द हटा दिया गया है। केंद्र सरकार ने प्रत्येक पांच वर्ष पर दवा दुकानों के कराए जाने वाले नवीनीकरण प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया। अब निर्धारित अवधि में केवल नवीनीकरण शुल्क जमा कराना होगा। निर्धारित अवधि में शुल्क जमा नहीं किए जाने पर लाइसेंस स्वत: रद्द हो जाएगा। अकसर शिकायतें आती थी कि लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर अवैध रूप से पैसा वसूला जाता है। इस व्यवस्था के लागू होने से यह गोरखधंधा खुद-ब-खुद बंद हो जाएगा। सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, दवा कारोबारियों को नवीनीकरण की बजाय लाइसेंस अवधि समाप्त होने से पूर्व फीस जमा करानी होगी। थोक और खुदरा दवा व्यावसायियों को पांच वर्ष के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है। लाइसेंस फीस 3000 रुपये है। लाइसेंस फीस समय पर जमा नहीं करने पर विलंब शुल्क देना पड़ेगा। पूर्व में विलंब शुल्क के रूप में प्रत्येक माह 1000 रुपए भुगतान करना पड़ता था जो अब लाइसेंस शुल्क का दो प्रतिशत यानी मात्र 60 रुपए देने होंगे। समय अवधि के अंदर नवीनीकरण शुल्क जमा नहीं करने के उपरांत छह माह तक यदि विलंब शुल्क के साथ लाइसेंस फीस जमा नहीं कराया तो लाइसेंस रद्द हो जाएगा।