हरियाणा में हैपेटाइटिस-सी: रोल मॉडल बनी जीवन रेखा योजना, डॉ. मल्होत्रा की प्रशंसा

रोहतक: हरियाणा से हैपेटाइटिस-सी बीमारी को चलता करने के लिए सरकार के ‘जीवन रेखा’ प्रयास को बड़ी कामयाबी मिल रही है। देश-विदेश में हरियाणा के जीवन रेखा योजना मॉडल को सराहा और अपनाया जा रहा है। इस खुशी में इतराते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बीते कल पंचकूला में आयोजित वर्कशॉप के दौरान ओरल मेडिसिन लॉन्च कर बीमारी रोकने की कोशिश में नया अध्याय जोड़ा। तत्पश्चात जीवन रेखा योजना को असल मुकाम तक पहुंचाने में सहयोगी स्टेट नोडल ऑफिसर एवं पीजीआईएमएस रोहतक के गेस्ट्रो विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मल्होत्रा को सम्मानित किया। योजना को रोगी और रोग की जड़ तक पहुंचाने में डॉक्टर मल्होत्रा ने शिद्दत से मेहनत की, उसे मंत्री विज ने अफसरों-डॉक्टरों की भारी भीड़ के सामने खुले मन से सराहा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में हैपेटाइटिस-सी रोगियों को उनकी दहलीज पर न केवल फ्री दवा मिलेगी बल्कि टेस्ट भी मुफ्त उपलब्ध होंगे। ऐसा करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य होगा। पड़ोसी राज्य पंजाब में बेशक हैपेटाइटिस-सी रोगियों को दवा मुफ्त मिलती है लेकिन टेस्ट के लिए कीमत चुकानी पड़ती है। हरियाणा में नई व्यवस्था के तहत सरकार ने लाल पैथ लैब से करार किया है। दस दिन के भीतर टेस्ट की सुविधा जिला स्तर पर शुरू हो जाएगी। चूंकि इलाज और टेस्ट की मुफ्त योजना केवल हरियाणा के लिए है लेकिन खास बात ये कि रोगी किसी भी राज्य का हो यदि हरियाणा का डोमीसेल उसके पास है तो जीवन रेखा योजना का उसे पूरा लाभ मिलेगा। योजना के शत-प्रतिशत परिणाम हासिल करने के लिए जेल मेंकैदियों को भी स्थानीय सिविल अस्पतालों के मार्फत टेस्ट और दवा की खुराक सहज मुफ्त उपलब्ध होगी।

वर्कशॉप में मौजूद रहे स्वास्थ्य विभाग के एसीएस अमित झा के मुताबिक, जीवन रेखा योजना के तहत प्रत्येक जिले में नोडल ऑफिसर नियुक्त होंगे। रोहतक पीजीआई का गेस्ट्रो विभाग प्रिंसिपल सेंटर होगा जो डॉ. प्रवीण मल्होत्रा के नेतृत्व में काम करेगा। राज्य के सभी जिलो के नोडल ऑफिसर इलाज से जुड़े तमाम रिकॉर्ड को लेकरबराबर प्रिंसिपल सेंटर के संपर्क में रहेंगे। स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) लॉन्चिंग के मौके पर उस वक्त खूब तालियां बजी जब यह पता चला कि जीवन रेखा योजना के क्षेत्र में हरियाणा देश के दूसरे राज्यों का रोल मॉडल बन रहा है। विदेशी हेल्थ सेक्टरों में भी हरियाणा में योजना के सफल संचालन को लेकर चिकित्सा जगतमें चर्चा होती है।

उपलब्धि से गदगद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने दावा किया कि राज्य के किसी भी कोने में हैपेटाइटिस-सी बीमारी से लोगों को नहीं मरने देंगे। इस बीमारी के इलाज में रोगी को 25 से 30 हजार का आर्थिक बोझ झेलना पड़ता है। पैसे की कमी से इलाजके अभाव में कई बार रोगी की जान चली जाती है। टीकाकरण दवाई से मरीजों को 65 प्रतिशत तक ठीक होने की उम्मीद होती थी लेकिन ओरल दवा से मरीजों को शत-प्रतिशत लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने उम्मीद जताई कि जीवन रेखा योजना में कार्यरत डॉक्टरों की ईमानदारीपूवर्क इच्छाशक्ति से हैपेटाइटिस-सी नामक सुरसा के इस मुंह को हमेशा-हमेशा के लिए बंद करने में अवश्य सफल होंगे।