अब आईवी इंजेक्शन नहीं लगा सकेंगे आयुष डॉक्टर

लखनऊ। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने आयुष डॉक्टरों को लेकर एक बड़ी खबर दी है। त्रिवेदी ने बताया है कि पीएचसी पर तैनात किए जाने वाले आयुष डॉक्टर आईवी (इंट्रा वेनस) इंजेक्शन नहीं लगा सकेंगे। इतना ही नहीं, वो मेडिकोलीगल केस नहीं देखेंगे और पोस्टमॉर्टम भी नहीं कर सकेंगे। किराये के भवनों में चल रहे आयुर्वेदिक अस्पतालों से पीएचसी में तैनात किए जाने वाले डॉक्टरों के बारे में यह नीति तय कर दी है। इस नई नीति के बारे में सभी सीएमओ को भी निर्देश दिए जा चुके है।

नई नीति में बताया गया है कि मेन स्ट्रीम ऑफ आयुष, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा आयुष चिकित्सकों में भी सबसे पहले पुरुषों को ऐसी पीएचसी में तैनात किया जाएगा, जहां कोई भी डॉक्टर नहीं है। अगर जिले में सभी पीएचसी में डॉक्टर उपलब्ध होंगे तो जरूरत के अनुसार आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी।

इतना ही नहीं, इस नई नीति में इस बात के लिए खास ध्यान देने को कहा गया है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर संविदा आयुष फार्मासिस्टों की तैनाती संविदा डॉक्टरों के बिना ना की जाए। साथ ही प्रशांत त्रिवेदी ने सभी सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि आयुष चिकित्सकों की तैनाती 15 नवंबर तक करके जानकारी शासन को दी जाए।