डॉक्टर की कलाकारी से सीएम दफ्तर हैरान

अम्बाला। काफी अर्से से जनता में विश्वास कायम कर अपना धड़ल्ले से कारोबार चला रहे नामी साईं अस्पताल के फर्जीवाड़ा का भंडाफोड़ हो गया है। इस अस्पताल का संचालक राजीव गर्ग स्वयं झोलाछाप निकला। जबकि लोगों को चकमा देने के लिए अस्पताल के प्रवेश द्वार के पास कई बड़े डॉक्टरों की सूची चस्पा कर मोटी कमाई करने में मशगूल था। फिलहाल इस अस्पताल को सील कर दिया गया है।

जानकारी अनुसार एक रोगी के तीमारदार ने नामी साईं अस्पताल के फर्जीवाड़े पर शक होने के बाद सीएम विंडो पर इसकी शिकायत दर्ज करवाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इय पर एसएमओ रामप्रकाश की अगुआई में जांच टीम ने अस्पताल में दबिश दी। टीम ने अस्पताल संचालक डॉ. राजीव गर्ग से उनकी डिग्री के बारे में पूछा तो डॉ. गर्ग ने स्वयं को आरएमपी बताया। दस्तावेज जांच करने पर फर्जी पाए गए वहीं, बोर्ड पर मौजूद नामी चिकित्सकों में से मात्र एक डाक्टर की ही मौजूदगी अस्पताल में मिली। अन्य डॉक्टरों के बारे में वे कुछ भी नहीं बता पाए ।

इस दौरान अस्पताल संचालक मौका पाकर फरार होने में कामयाब हो गया। एसएमओ रामप्रकाश की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी डॉ. राजीव गर्ग के खिलाफ धारा 420, 336,15-2,15-3 एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। फिलहाल उक्त अस्पताल को सील कर दिया गया है और पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।